मुंबई (सं. भा.) | कोरोना वायरस को लेकर भारत समेत पूरी दुनियां में हाहाकार मचा है प्रतिदिन हजारों लोगों को वायरस अपने चपेट में ले रहा है | अभी तक इस महामारी से निपटने के लिए कोई कारगर तरीका है न इलाज | सिर्फ अभी तक इस पर कुछ हद तक एक फार्मूला सामने आया है लॉक डाउन | हमारे प्रधान मंत्री ने लोगों से अपील किया है कि सब अपने घरों में रहें बिना खास जरूरत के बाहर न निकले | लेकिन कांदिवली के कुछ हिस्सों में इस बात का असर नहीं दिखता है |

जीवनघाती खतरनाक कोरना विषाणु समस्त विश्व पर मौत का तांडव कर रहा है लोग जान बचाने और वायरस के प्रसार से बचने के लिए बाहर नहीं निकल रहे है | लेकिन कांदिवली पश्चिम के गणेशनगर, लालजीपड़ा तथा गांधीनगर के कुछ लोगों को इस बात बिलकुल गम नही है | यहां पुलिस प्रशासन के अपील के बाद भी बाहर निकलने का सिलसिला नहीं थम रहा है | कई जगह चाट-मसाला, भेलपूरी, पानीपुरी,वड़ा-समोसा जैसे चटपटी खाने की सामानों के अलावा मछली-मांस की बिक्री हो रही है | मांस के कारोबारी इलाके में गन्दगी फैलाए हुए हुए है | कई जगह चाय की केतली भी खूब गरम हो रही है | काफी लोग घरों से बहार निकलकर कोरना वायरस को खुलेआम निमंत्रण दे रहे है | साग-भाजी,फल आदि आवश्यक वस्तुओं की खरदी में होने वली भीड़-भाड़ पर नियंत्रण पाने के लिए कांदिवली पुलिस ने स्थनीय सड़कों पर लगने बाजार को पास के खाली पड़े एकतानगर के म्हाडा मैदान में कुछ दिनों के लिए सिफ्ट करा दिया है | जिसके वजह से अब सड़क पर सुबह-शाम केवक्त खचाखच होनेवली गर्दी काम हो गई है | उक्त एरिया स्लम वाला है जिसमें हजारों की संख्या में लोग रहते है | कोरोना का सबसे खरनाक प्रभाव झोपड़पट्टी में होने की आशंका से सरकार की नींद हरम है | झोपड़पट्टी में अगर लापरवाही बस वायरस अपना पाँव पसार लेगा तो उसे रोकपना बहुत कठिन होगा | फिर भी यहां के लोग जानमाल के खतरे को अनदेखा कर दुकानदारी में जुटे है | यदि इन क्षेत्रों में समय रहते अंकुश नहीं लगा तो बहुत गंभीर परिणाम होगें |


