- पीओपी मूर्तियों पर राहत के बाद
- अब ऊंची प्रतिमाओं के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों की मांग!
मुंबई (स .भा): बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) गणेश मूर्तियों के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध हटाने के फैसले ने एक नई बहस छेड़ दी है। अब सार्वजनिक गणेश मंडल यह मांग कर रहे हैं कि उनकी ऊंची गणेश प्रतिमाओं को प्राकृतिक जल स्रोतों में विसर्जित करने की अनुमति दी जाए। मंडलों को डर है कि इन विशाल मूर्तियों को कृत्रिम झीलों में विसर्जित करना बेहद मुश्किल और दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
गणेशोत्सव समिति ने राज्य सरकार से की अपील
बृहन्मुंबई गणेश महोत्सव समन्वय समिति ने इस संबंध में सीधे राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। समिति का कहना है कि सार्वजनिक गणेश मंडलों की ऊंची मूर्तियों को कृत्रिम झील में विसर्जित करना एक बड़ी चुनौती होगी। विशेष रूप से, सार्वजनिक गणेश मंडलों द्वारा निकाले जाने वाले विसर्जन जुलूस में लाखों गणेश भक्त भाग लेते हैं, और ऐसी स्थिति में सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना एक बड़ी चिंता का विषय है। हाई कोर्ट के पीओपी मूर्तियों पर प्रतिबंध हटाने के बाद, अब विसर्जन स्थलों को लेकर यह नई मांग उठ खड़ी हुई है।


