- अक्टूबर में तीन चरणों में होगा मतदान
- मुंबई में तीसरे फेज में पड़ेंगे वोट
मुंबई (सं. भा.)। महाराष्ट्र में निकाय चुनावों का बिगुल बजने को है और इसे लेकर तैयारियां ज़ोरों पर हैं। राज्य चुनाव आयोग अक्टूबर महीने में चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है, जिसके तहत तीन चरणों में मतदान कराए जाएंगे। यह रणनीति मुख्य रूप से ईवीएम मशीनों की उपलब्धता और प्रशासनिक सुगमता को देखते हुए बनाई गई है।
पहले चरण में उत्तर और दक्षिण महाराष्ट्र में वोटिंग होगी। इसके बाद, दूसरे चरण में विदर्भ, पश्चिम महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के क्षेत्रों में मतदान होगा। अंत में, तीसरे चरण में मुंबई, ठाणे और कोंकण में मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे के अनुसार, इन तीन चरणों में चुनाव कराने की योजना प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। प्रदेश की 29 महानगर पालिकाओं, 257 नगर पालिकाओं, 26 ज़िला परिषदों और 288 पंचायत समितियों के लिए ये चुनाव अक्टूबर में होने की संभावना है। वाघमारे ने यह भी बताया कि वार्डों की संरचना 2011 की जनगणना के अनुसार होगी। कुछ जगहों पर वार्डों की संरचना और सीमाओं में बदलाव होगा, जिसकी वजह से कुछ लोग अदालत का रुख कर सकते हैं। वार्ड बनाने की इस प्रक्रिया में क़रीब दो महीने लगेंगे, और पूरी चुनाव प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में तीन से साढ़े तीन महीने लग सकते हैं, जिसके बाद अक्टूबर में चुनाव संभव हो पाएंगे।
चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि निकाय चुनाव के लिए एक चरण में 1 लाख 50 हज़ार ईवीएम मशीनों की ज़रूरत होगी, जबकि आयोग के पास सिर्फ़ 65 हज़ार ईवीएम मशीनें ही उपलब्ध हैं। इसी कमी को देखते हुए आयोग तीन चरणों में चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है।
हालांकि, निकाय चुनाव का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। पिछले महीने, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद, आयोग ने राज्य सरकार के नगर विकास और ग्रामीण विकास विभाग को वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया एक महीने से 40 दिनों के भीतर पूरी करने को कहा था। इसी निर्देश के बाद आयोग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।


