मुंबई (सं.भा.) कांदिवली चारकोप के गणेश नगर में मासूम बच्ची की मौत को एक हफ्ता बीत गया, लेकिन हालात आज भी वही हैं। जिस सिग्नल पर हादसा हुआ था, वहीं आज भी स्कूली बच्चे बिना किसी सुरक्षा के तेज रफ्तार वाहनों के बीच से सड़क पार करने को मजबूर हैं। सवाल उठता है—हादसे के बाद किए गए वादे और भाषण आखिर कहां गायब हो गए?

ओल्ड लिंक रोड स्थित पूजा बिल्डिंग के सामने आईएमपी सिग्नल पर आज भी न तो कोई स्थायी ट्रैफिक पुलिस तैनात है और न ही कोई डिवाइडर बनाया गया है। सुबह और स्कूल छुट्टी के समय छोटे-छोटे बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते नजर आते हैं।

हादसे के तुरंत बाद नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा के बड़े-बड़े वादे किए थे। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, डिवाइडर लगाने और पुलिस तैनाती की बातें हुई थीं, लेकिन एक हफ्ते बाद भी जमीनी हकीकत पूरी तरह उलट है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद कुछ दिन तक सियासत जरूर हुई, लेकिन अब हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं। लोगों की मांग है कि स्कूल समय में सिग्नल को नियंत्रित किया जाए और बच्चों के सड़क पार करते वक्त ट्रैफिक पुलिस या स्थानीय पुलिस की अनिवार्य रूप से तैनाती की जाए, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
लोगों ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी और बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।


