मुंबई (सं. भा.)। गर्मियों की छुट्टियों में शहर से बाहर जाने वालों के लिए एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। सोशल मीडिया पर ट्रिप की लाइव अपडेट देना अब आपकी सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। जैसे-जैसे मई-जून की गर्मी बढ़ रही है, मुंबई से उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेनों और फ्लाइट्स में भारी भीड़ देखी जा रही है। स्कूलों की छुट्टियां शुरू होते ही लोग अपने पैतृक गांवों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन इस खुशी के सफर के साथ एक अनदेखा खतरा भी जुड़ गया है—पीछे छूटे बंद घर की सुरक्षा।
मुंबई पुलिस के आंकड़ों और विश्लेषण के अनुसार, हर साल गर्मियों और दिवाली के दौरान घरों में सेंधमारी की घटनाओं में 15 से 20 प्रतिशत तक इजाफा होता है। हालांकि बढ़ी हुई गश्त और तकनीकी निगरानी से कुल मिलाकर चोरी की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन छुट्टियों के दौरान बंद घर अब भी चोरों के आसान निशाने बने हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आज के दौर में फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपराधियों के लिए ‘डिजिटल मुखबिर’ बनते जा रहे हैं। लोग एयरपोर्ट चेक-इन से लेकर “10 दिन के वेकेशन” तक की जानकारी साझा करते हैं, जिससे चोरों को साफ संकेत मिल जाता है कि घर कितने समय तक खाली रहेगा।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि छुट्टियों के दौरान रात में पेट्रोलिंग बढ़ा दी जाती है, लेकिन हर गली और हर इमारत पर नजर रखना बड़ी चुनौती है। चोर अक्सर दिन में रेकी करते हैं और घर के बाहर जमा अखबार, दूध के पैकेट या लंबे समय से बंद ताले देखकर अंदाजा लगा लेते हैं कि परिवार बाहर गया हुआ है। वहीं, सीसीटीवी कैमरों की कमी और पड़ोसियों के बीच संवाद का अभाव भी अपराधियों के लिए सहूलियत बन रहा है।
सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां (एक साथ):
छुट्टियों पर जाने से पहले पड़ोसियों को अपनी यात्रा की जानकारी जरूर दें ताकि वे आपके घर पर नजर रख सकें। सोशल मीडिया पर ट्रिप की फोटो या लोकेशन तुरंत साझा करने के बजाय घर लौटने के बाद पोस्ट करना ज्यादा सुरक्षित है। घर के बाहर अखबार या दूध के पैकेट जमा न होने दें, इसके लिए पहले से ही सप्लाई बंद करा दें। साथ ही गहने और ज्यादा नकदी जैसे कीमती सामान घर में रखने के बजाय बैंक लॉकर में सुरक्षित रखना बेहतर विकल्प है।
वेकेशन पोस्ट पड़ सकती है भारी! खाली घरों को निशाना बना रहे चोर
RELATED ARTICLES


