उन्नाव (सं.भा.)। वर्ष 2018 बोर्ड परीक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में पारदर्शिता अपनाने के लिए उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सीसीटीवी की अनिवार्यता की है। जिन स्कूलों में इसकी उपलब्धता नहीं है, वहां स्मार्ट फोन को अपनाया जाएगा। फोन के कैमरे से परीक्षा कक्ष की गतिविधियां रिकॉर्ड होंगी।
बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 15 दिसंबर से प्रारंभ हो चुकी हैं। 29 दिसंबर तक परीक्षा कार्यक्रम सम्पन्न कराने के निर्देश हैं। हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की परीक्षा स्कूल स्तर पर आयोजित की जाएंगी। इंटरमीडिएट में आंतरिक व बाह्य परीक्षा व्यवस्था लागू है। परीक्षकों द्वारा कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कैमरे में समस्त गतिविधियों को कैद करने के आदेश किए हैं। जहां सीसीटीवी कैमरे की उपलब्धता नहीं है, उन स्कूलों में स्मार्ट फोन से परीक्षा का वीडियो बनाया जाएगा। बोर्ड के नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। समस्त जवाबदेही संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य की होगी। परीक्षा कार्यक्रमों का वीडियो बनाए जाने के बाद सीडी तैयार की जाएगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद को सीडी भेजी जाएगी।
नियम की अनदेखी पड़ेगी महंगी
प्रयोगात्मक परीक्षा में लापरवाही बरतने पर संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य को तलब किया जाएगा। डीआइओएस प्रतिदिन की रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा की वेबसाइट पर ऑनलाइन भेजेंगे। सरकारी, एडेड सहित वित्त विहीन स्कूलों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधक को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
‘परीक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था को अपनाया जाना है। जहां सीसीटीवी कैमरे की उपलब्धता नहीं है, वहां स्मार्ट फोन का प्रयोग होगा।’
– राकेश कुमार, डीआइओएस।


