spot_img
Homeमुंबईकबूतरखाना तोड़ने के खिलाफ विधायक का धरना

कबूतरखाना तोड़ने के खिलाफ विधायक का धरना

मुंबई (सं. भा.)। गिरगांव चौपाटी का कबूतरखाना सरकार द्वारा पूर्णतया अधिकृत होने के बावजूद उसे तोड़े जाने को बीजेपी के वरिष्ठ विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने प्रशासन की गलत कारवाई बताया है। यह कबूतरखाना कलेक्टर द्वारा आवंटित हुआ, सरकार ने इसे सिवकृत किया, फिर हाईकोर्ट की हाईपावर कमेटी द्वारा अधिकृत किया गया एवं विधायक फंड से म्हाडा द्वारा निर्मित हुआ। फिर भी इसे अनधिकृत बताकर सेवा के कार्य को भी राजनीतिक रंग देने पर विधायक लोढ़ा ने दुख व्यक्त किया है।

तथ्य है कि सन १९९९ से भी पहले से यह कबूतरखाना अधिकृत है। गिरगांव चौपाटी का यह कबूतरखाना १९९९ से भी पहले का है। मुंबई सिटी कलेक्टर द्वारा १२ मार्च १९९९ को तत्कालीन कबूतरखाना के विकास की स्वीकृति दी गई थी। इस स्वीकृति में लिखे शब्द ‘विद्यमान कबूतरखाना’ से स्पष्ट है कि गिरगांव चौपाटी का यह कबूतरखाना १२ मार्च १९९९ से भी पूर्व का है।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को विधायक लोढ़ा ने तोड़क कारवाई के विरोध में कलेक्टर कार्यालय में धरना दिया था। अनधिकृत निर्माण बताकर तोड़े जाने को विधायक लोढ़ा ने गैरकानूनी एवं अन्यायपूर्ण कारवाई बताया है। जिला कलेक्टर संपदा मेहता ने इस पूरे मामले का रिविजन  करके उचित कारवाई करने की आश्वासन दिया है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com