मुंबई (सं. भा.) | बिना लाइसेंस के घर में कुत्ता रखना अब लोगों को महंगा पड़ सकता है। मनपा प्रशासन ने ऐसे अवैध पालतू कुत्तों की जप्ती करने का निर्णय लिया है। प्रशासन की मानें तो वर्ष २०१२ की स्वान गणना के मुताबिक मुंबई में पालतू कुत्तों की संख्या लगभग ३० हजार है जबकि लाइसेंस महज छह हजार लोगों के पास है। अगर इन आंकड़ों का आकलन करें तो हर पांच में से चार कुत्ते अवैध हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने घर में पल रहे अवैध कुत्तों के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है।
बता दें कि मुंबई मनपा के अधिनियम १९१ (ए) के तहत पालतू कुत्तों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। महज १०५ रुपए का शुल्क भरकर यह लाइसेंस ऑनलाइन पा सकते हैं लेकिन अधिकांश लोग लाइसेंस लेने में कोताही बरतते हैं। इसका कड़े रूप से पालन करने के लिए अब मनपा के जानवरों के डॉक्टर घर-घर सर्वे करनेवाले हैं। देवनार कत्लखाना के महाप्रबंधक डॉ. योगश शेट्ये ने बताया कि इन दिनों में कुत्तों द्वारा लोगों को काटने का प्रमाण काफी बढ़ गया है। ११ महीनों में एक लाख लोगों को कुत्तों द्वारा काटने का मामला सामने आया है। ऐसे में इसे रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं जिसमें घर में रखे अवैध पालतू कुत्तों की जानकारी इकट्ठा की जाएगी। योगेश शेट्ये ने बताया कि हर जोन में एक जानवर के डॉक्टर नियुक्त किए जाएंगे, जो घर-घर जाकर यह पता लगाएंगे कि किस घर में कितने कुत्ते हैं? अगर जिनके पास कुत्तों का लाइसेंस नहीं होगा उन्हें नोटिस दी जाएगी। सात दिनों के भीतर अगर मालिक ने लाइसेंस नहीं लिया तो फिर कुत्ता जप्ती की कार्रवाई की जाएगी।


