मंबई (सं. भा.)। मनपा के बंद पड़े ३५ स्कूलों को निजी संस्थाओंको सौंपने का मामला खटाई में पड़ गया है। प्रशासन की तरफ से तीसरी बार शिक्षण समिति के समक्ष पेश किये गए प्रस्ताव को नगरसेवकों ने खारिज कर दिया।
गुरुवार को शिक्षण समिति की बैठक में नगरसेवकों ने सवाल किया जब सभी तरह की सुविधा मनपा उपलब्ध कराएगी तो प्रबंधन निजी संस्थाओंको सौंपने का औचित्य क्या है।
शिक्षण समिति के अध्यक्ष मंगेश सातमकर ने प्रस्ताव को वापस प्रशासन के पास भेजने का निर्देश देते हुए कहा कि इस संदर्भ में मनपा आयुक्त के साथ विशेष बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन की तरफ से इसके पहले तीन बार इस प्रस्ताव को शिक्षण समिति के समक्ष लाया जा चुका है। नगरसेवक खामियां निकालते हुए इसे खारिज करते रहे हैं। प्रशासन ने नगरसेवकों के सुझावों को शामिल कर एक बार फिर प्रस्ताव शिक्षण समिति के समक्ष पेश किया था। गुरुवार को हुई शिक्षण समिति की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सभी दलों के नगरसेवकों ने विरोध जताया।
कांग्रेस के नगरसेवक राजपति यादव ने कहा कि २७ शैक्षणिक वस्तु से ले कर हर तरह की सुविधा मनपा उपलब्ध करा रही है तो निजी संख्या की जरुरत क्या है।


