बांदा (सं. भा.) : आखिर लमेहटा की तरह ही खप्टिहा खदान भी डीएम के निशाने पर आ गई। बार-बार अवैध तरीके से खनन करने के चलते खदान का परमिट निरस्त कर दिया गया है। एक बार पट्टा क्षेत्र से बाहर अवैध खनन करने व दूसरी बार मशीनों से अवैध खनन में दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा यह कार्रवाई की गई है।
मालूम हो कि गोरखपुर की मेसर्स नार्दन एक्सप्रेस वे के नाम खप्टिहा खदान का पट्टा था। गाटा संख्या 356 में 10 एकड़ का खनन परमिट मिला था। इस खदान के चलने की अवधि 26 जनवरी 2018 से समाप्त होनी थी। लेकिन लगातार अवैध खनन के चलते उक्त खदान का परमिट निरस्त कर दिया गया है। खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि खदान संचालकों द्वारा लगातार खदान में नियमों के विरुद्ध अवैध खनन किया जा रहा था। पहले पट्टा क्षेत्र के बाहरी क्षेत्र में खनन का दोषी पाया गया था। वहीं दो दिन पहले मशीनों से खनन करते पाया गया और दो मशीनों को सीज भी किया गया था। साथ ही कंपनी के प्रोपराइटर नीतेश्वर त्रिपाठी व पोकलैंड चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। कार्रवाई के बाद भी संचालकों के नियम विरुद्ध खनन करने के चलते जिलाधिकारी के आदेश से उक्त खदान का परमिट ही निरस्त कर दिया गया है। साथ ही पट्टा क्षेत्र से बाहर खनन के चलते 78 लाख 40 हजार रुपये की नोटिस भी जारी की गई है। जो संचालकों को तीस दिनों के अंदर जमा भी करने होंगे।


