spot_img
Homeउत्तर प्रदेशरिहायशी इलाके में कूड़ा डंपिंग, लोग परेशान

रिहायशी इलाके में कूड़ा डंपिंग, लोग परेशान

फतेहपुर (सं. भा.) : आलीशान इमारतों के बीच नगर पालिका द्वारा बनाया गया कूड़ाघर परेशानी का सबब बना हुआ है। लोगों द्वारा उठाई जा रही आवाज हर बार दब कर रह जा रही है। कई मुहल्लों के लिए बना कूड़ाघर हटाने के लिए आंदोलन तक हो चुके हैं लेकिन प्रशासन स्थानीय लोगों को राहत नहीं दे पाया है। जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश भरा हुआ है।

शहर की प्रमुख बाजार चौक के पीछे एक बड़ी गली के खाली स्थान में नगर पालिका द्वारा कूड़ाघर बनाया गया है। कई मुहल्लों का सड़ा गला अपशिष्ट आने के चलते दुर्गंध और बदबू के बीच लोग जी रहे हैं। चंद कदम दूर पर दुकानों का संचालन हो रहा है। दिनभर दुर्गंध युक्त आबोहवा में दुकानदार व्यापार करने को मजबूर हैं। वहीं रास्ते में पड़ने वाले घरों एवं चौक बाजार को जाने वाले लोग मुंह में रुमाल रखकर दूरी तय करते हुए मिल जाएंगे। लाखों की इमारतों के बीच बना कूड़ा घर हटने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि प्रशासन दावा करता है कि प्रतिदिन कूड़ा उठ जाता है लेकिन आए दिन यह काम कागजों में सीमित रहता है। दूसरे मुहल्लों का कूड़ा उठाकर डाल तो दिया जाता है लेकिन प्रतिदिन उठान नहीं होती है। शहर के साफ सुथरा रखने के प्रयासों की बानगी इस स्थान से ली जा सकती है।


स्वच्छ भारत मिशन को करारा झटका

शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए जहां सफाई पर जोर दिया जा रहा है वहीं रिहायशी इलाके में कूड़ा डंपिंग परेशानी का सबब बना हुआ है। बीस साल से पालिका द्वारा कटरा अब्दुल गनी-रस्तोगीगंज के इलाके में बनाया गया कूड़ाघर हटने का नाम नहीं ले रहा है। इस कूड़ाघर को लेकर लोग आला अफसरों सहित जन प्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन समस्या जाने का नाम नहीं ले रही है।

खिड़की-दरवाजे रखते बंद

मुहल्ले में सड़ा गला कूड़ा कचरा डंप किए जाने के चलते बदबू और सड़ांध से लोगों को दिक्कत हो रही है। सड़ांध ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। हालात यह हैं कि मजबूरी में लोग घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखते हैं। शुद्ध हवा के लिए लोग कूड़ाघर के चलते तरसते रहते हैं। स्कूल कॉलेज से लौटने वाले बच्चे बाहर की खुली हवा में खेलने के बजाए वह मकानों में तरस रहे हैं।

– इस कूड़ाघर में मुहल्ले का नहीं अड़ोस पड़ोस के मुहल्ले का कूड़ा पालिका वाहनों से लाती है और डालकर चली जाती है। कई कई दिनों तक कूड़ा पड़े होने के चलते सड़ जाता है। रईस अहमद

– चुनावों में हर बार मुहल्ले के लोग प्रत्याशियों से इस कूड़ाघर को हटाने के लिए बात रखते हैं। चुनावों में कोरे आश्वासन के सिवा स्थानीय लोगों को कुछ हासिल नहीं हो पाया है। शालू

– शहर को साफ सुथरा बनाने, लोगों को खुद जागरूक होने की बात प्रशासन कर रहा है लेकिन खुद जागरूक नहीं हो रहा है। रिहायशी इलाके में बड़ा कूड़ाघर को हटाकर दिक्कत नहीं दूर कर रहा है। मुन्ना

– कूड़ा करकट सड़कों पर न दिखे इसके लिए डीएम ने आदेश जारी किए हैं लेकिन मुहल्ले में बना कूड़ाघर जिला प्रशासन को दिखाई नहीं दिया है। यहां तो जीना मुहाल हो गया है। सुनील

– हर घर और मुहल्ले से कूड़ा निकलता है। जिसे कहीं न कहीं संकलित किया जाता है। हर जगह ऐसी ही दिक्कत है। समस्या है कि आखिर कहां पर कूड़ाघर बनवाया जाए। इसके बावजूद नए कूड़ाघरों की जगह को खोजे जाने का काम किया जा रहा है। जगह मिलते ही कूड़ाघर हटवा दिया जाएगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com