मुंबई (सं. भा.)। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने नवी मुंबई सिडको जमीन डील को स्टे की जगह रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे डील की जांच रिटायर्ड जज की जगह दो सेवारत न्यायधीश से करानी चाहिए। निरुपम ने शनिवार को नवी मुंबई का दौरा कर विवादित जमीन का जायजा लिया। इस मौके पर चरणजीत सप्रा, सचिन सावंत, पनवेल के स्थानीय नेता सुदाम पाटील, लतीफ शेख, शशिकला सिंह, हेमराज म्हात्रे समेत कई नेता मौजूद थे। निरुपम ने आरोप लगाया कि इस डील में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हैं।
लाड की बिल्डर से मिलीभगत
उन्होंने इस मामले में रायगढ़ जिलाधिकारी, अतिरिक्त जिलाधिकारी व पनवेल तहसीलदार के अलावा वर्तमान में फडणवीस के प्रधान सचिव व सिडको के पूर्व एमडी भूषण गगरानी को निलंबित करने की मांग की है। मामला कोयना बांध के ८ प्रभावित किसानों को मुआवजे के तौर पर दी गई सिडको की २६ एकड़ जमीन को पैराडाइज बिल्डर को आवंटित करने का है।
घोटाले की जांच सेवारत न्यायधीश करें
निरुपम का आरोप है कि १,७०० करोड़ की इस जमीन को महज ३ कारोड़ ६० लाख रुपए में पैराडाइज बिल्डर को ट्रांसफर किया गया है। उन्होंने इस मामले में बीजेपी विधायक प्रसाद लाड पर भी बिल्डर के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। विवाद के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस डील पर स्टे लगाते हुए इसकी न्यायिक जांच के आदेश दिए है।


