मुंबई (सं. भा.) लॉक डाउन में काम नही मिलने के कारण एक सुतार बेरोजगार होने के साथ ही कर्जदार हो गया । देनदारों ने अपने पैसों के लिए दबाव बनाया तो वह काफी परेशान हो गया। इस बीच क्राइम पेट्रोल टीवी सीरियल देखते समय उसे किसी बच्चे को अपहरण करने का आइडिया आया। अपने एक रिश्तेदार के साथ 13 वर्षीय नाबालिग बच्चे का अपहरण रविवार की शाम को कर लिया। उसके बाद एक अपहरणकर्ता अगवा बच्चे के साथ गार्डन में फुटबॉल खेलता रहा । दुसरी ओर मुख्य आरोपी बच्चे के मोबाइल से उसके पिता को फोन कर 10 लाख रुपए की फिरौती मांग रहा था। मालाड पुलिस ने घटना के महज दो घंटे के अंदर बच्चे को सही सलामत बरामद कर दोनो अपहरणकर्ताओं को सलाखों के पीछे भेजने में कामयाब रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार शाम को 13 वर्षीय युवक मालाड पश्चिम के अपने बिल्डिंग के कंपाउंड में रविवार शाम साढ़े पांच बजे फुटबॉल खेलने उतरा था। उसी दौरान मालाड पश्चिम, ओर्लेम चर्च के वलनई झोपड़पट्टी में रहने वाले शेखर विश्वकर्मा (35) और दिव्यांशु विश्वकर्मा (21) वहां मनपा कर्मचारी बन कर पहुँचे। बच्चे ने मास्क नही लगाया था। उसी बहाने से उसे जुर्माना भरने के बहाने अगवा कर लिया। उसी के फोन से पिता विरल नथवानी को फोन कर मनपा के पी उत्तर कार्यालय में जुर्माना भरने के लिए आने को कहा। इसी बीच ऑटो रिक्शा में बच्चे को बिठा कर कांदिवली पश्चिम, ईरानी वाड़ी के अतुल टावर के पास बने एक गार्डन में ले गए। वहां बच्चे के साथ अपहरणकर्ता दिव्यांशु फुटबॉल खेलने लगा। दुसरी ओर बच्चे के मोबाइल से अपहरणकर्ता शेखर पिता विरल को फोन कर 10 लाख रुपए की फिरौती मांगने लगा। घबराए पिता मालाड पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। जोन 11 के डीसीपी विशाल ठाकुर के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक धनंजय लिगाडे, पुलिस निरीक्षक सुधीर दलवी, सहायक पुलिस निरीक्षित समीम मुजावर की टीम ने महज दो घंटे के अंदर गार्डन में फुटबॉल खेल रहे बच्चे को बरामद कर अपहरणकर्ता दिव्यांशु को गिरफ्तार कर लिया। शेखर को कांदिवली पश्चिम लिंक रोड से गिरफ्तार करने में सफल रहे। पूछताछ मे शेखर ने पुलिस के समक्ष कबूला कि लॉक डाउन के करण वह बेरोजगार हो गया था और कई लोगों से कर्ज ले रखा था। टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल से उसे ऐसे किसी बच्चे का अपहरण करने का आइडिया आया जिसके पास मोबाइल हो। मंगलवार से वह अपने गांव के रिश्तेदार दिव्यांशु के साथ क्षेत्र में ऐसे किसी बच्चे को तलाश रहा था। इसी दौरान उसकी नजर 13 वर्षीय नाबालिग पर पड़ी जिसके पास मोबाइल भी था। पुलिस उसे न पकड़ सके इस लिए बच्चे के मोबाइल से पिता को फोन कर फिरौती मांग रहा था।


