फतेहपुर (सं. भा.) : समय और साल गुजरता जा रहा है लेकिन परेशानी साथ छोड़ने का नाम नहीं ले रही हैं। खड़ंजे में गंदा पानी भरा होने से आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बदहाली के दौर से गुजर रहे लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति भारी गुस्सा व्याप्त है। चहुंओर गंदगी का साम्राज्य व्याप्त है इसके बाद भी जिम्मेदारों के कानों में जूं नहीं रेंग रही है।
शहर के आबूनगर मुहल्ले में समस्याओं के निजात के लिए संजीदगी स्वरूप संजीवनी की जरूरत है। यहां पर रहने वाली जनता समस्याओं के निस्तारण की राह ताक रही है। मुहल्ले में सफाई का सर्वथा अभाव दिखा तो गलियों में लगे खड़ंजे नाली के पानी से डूबे नजर जाए। विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली नगर पालिका को मानों इन समस्याओं की कानों कान खबर नहीं हो। स्कूलों को जाने वाले बच्चे गिरकर कपड़े खराब कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो पूर्व में इस सड़क को सुधारे जाने के लिए कई बार शिकायतें की गईं लेकिन इन्हें रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है। जिसके चलते समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। सफाई के नाम पर पालिका प्रशासन खिलवाड़ करती रहती है। सफाई कर्मी भी बेलगाम होकर काम को अंजाम देते हैं। इसकी बानगी क्षेत्र के नालियों के बजबजाने से मिल रही है।


