रसूलाबाद (सं. भा.) : लालू गांव के पास नहर पटरी पर दुर्घटना में गदाईपुर के विकास (22) की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों की अराजकता एक घंटे तक जारी रही। ग्रामीणों द्वारा पीटने पर चौकी इंचार्ज फोन मदद को चीखते रहे लेकिन पुलिस बल नहीं पहुंचा। उपद्रव के बाद तनाव का माहौल बन गया। पीड़ित दारोगा संतोष सोनकर ने 50-60 लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने पुलिस पर हमला करने व सेवेन क्रिमिनल एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। नामजद आरोपितों में गदाईपुर के सिद्धनाथ, राकेश, दीपू, विपिन सहित तेरह लोग शामिल हैं। इनमें पुलिस ने दो उपद्रवियों कमलेश व शोभित को मौके से गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश में छापेमारी शुरू की है। एसपी रतनकांत पांडेय ने बताया कि उपद्रव में शामिल रहे लोगों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। उपद्रवियों से पुलिस सख्ती से निपटेगी लेकिन किसी निर्दोष का उत्पीड़न नहीं होगा।
दुर्घटना में विकास की मौत के बाद शव उठाने का विरोध कर भीड़ ने मौके पर पहुंचे असालतगंज चौकी इंचार्ज संतोष कुमार की पिटाई शुरू कर दी। दारोगा संतोष कुमार व एचसीपी राशिद खान ने रसूलाबाद इंस्पेक्टर को फोन पर तत्काल अवगत कराया लेकिन थाने से फोर्स नहीं भेजी गई। ग्रामीणों से पिटने के बाद दारोगा व एचसीपी ने किसी तरह भागकर निभू गांव पहुंचकर जान बचाई और उच्चाधिकारियों को घटनाक्रम की सूचना दी। उन्होंने कई बार पुलिस बल को जल्द भिजवाने का अनुरोध किया। करीब एक घंटे बाद एसडीएम व सीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, इसके बाद स्थिति पर नियंत्रण हो सका।


