- लोग कह रहे हैं ‘ दावे हैं दावों के क्या’
वसई (सं. भा.) : उपकार फ़िल्म में एक गाना बहुत फेमस हुआ था ‘कसमें वादे प्यार वफ़ा सब
बातें हैं बातों का क्या’, इसी प्रकार वीवीएमसी द्वारा नालों के 80 प्रतिशत सफाई के दावों को लेकर वसई – विरार की जनता इन दिनों कह रही है कि ‘ वादे हैं वादों का क्या’।
बतादें कि मॉनसून आने में कुछ ही दिन बचे है, लेकिन वसई-विरार मनपा सीमा के नालों की सफाई पूरी तरह से नहीं हो पाई है। मनपा का दावा है कि शहर में 80% नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, लेकिन शहर के स्लम इलाको से
बहनेवाले नालो में मौजूद कचरा प्रशासन को ही मुंह चिढ़ाते नजर आते हैं। नालों की तस्वीरों को देखकर लगता नहीं है कि मॉनसून से पहले यह नाले साफ हो पाएंगे। मनपा की ओर से नाला सफाई की नई डेडलाइन 31 मई दी गई है।
बता दें कि मॉनसून से पहले हर साल मनपा करोड़ों रुपये खर्च कर नालों की सफाई करती है, ताकि शहर में जल भराव नहीं हो। मगर सही ढंग से नालों की सफाई न होने से हर साल बारिश में पूरा शहर पानी में डूब जाता है। वसई-विरार शहर में 180 किमी. के दायरे में लगभग 150 से अधिक छोटे-बड़े नाले हैं। वार्ड समिति ‘ए’ में (29), वार्ड समिति ‘बी’ में (12), वार्ड समिति ‘सी’ में (29), वार्ड समिति ‘डी’ में (8), वार्ड समिति ‘ई’ में (17), वार्ड समिति ‘एफ’ में (43), वार्ड समिति ‘जी’ में (51), वार्ड समिति ‘एच’ में (10) और वार्ड समिति ‘आई’ में 16 नाले बहते हैं। मनपा आयुक्त अनिल कुमार पवार के आदेश पर इस साल नालों की सफाई व्यापक एवं प्रभावी ढंग से कराने की विशेष योजना बनाई गई थी। नाले की सफाई का काम 15 अप्रैल से शुरू हुआ। स्वच्छता विभाग के उपायुक्त नानासाहेब कामठे ने बताया कि नाले की सफाई के लिए 17 लॉन्ग बूम, 47 शॉर्ट बूम, 25 जेसीबी, 39 पर और 2 रापट का इस्तेमाल किया जा रहा है। जहं मशीन नहं पहुंच रही, वहां सफाईकर्मियो की मदद ली जा रही है।

सभी 9 वार्डों में नालों की सफाई का कार्य तेजी से चल रहा है। मॉनसून से पहले सारे छोटे-बड़े नाले पूरी तरह साफ किए जाएंगे। नाना साहेब कामठे, उपायुक्त स्वच्छता विभाग, वीवीएमसी के पूर्व नगरसेवक पंकज पाटील ने कहा कि स्लम इलाकों में 10 प्रतिशत नाले साफ नहीं हुए हैं। संतोष भवन, शर्मा वाडी, कारगिल नगर, बाक्सत पाडा, वाकनपाडा, धानिवबाग, गौराई पाडा, वलई पाडा, वालीव, मौर्या नाका, सातिवली के नाले कचरे से पटे हुए है। नागरिकों का आरोप है कि मनपा ने सिर्फ बड़े नालों को साफ किया है। शहर के अंदरूनी हिस्सों में मौजूद छोटे-बड़े नालों की सफाई पर ध्यान नहीं है। उन्हें साफ करने में दो माह लग जाएंगे।


