भायंदर (सं. भा.) आने वाले दिनों में दहिसर से भायंदर महज 10 मिनट में लोग पहुंच सकेंगे। ऐसा एलिवेटेड रोड बन जाने के बाद संभव होगा।
बतादें कि राज्य सरकार की मंजूरी के बाद दहिसर- भायंदर एलिवेटेड रोड को मीरा भायंदर मनपा के विकास प्रारूप (डीपी) में समावेश कर लिया गया है और अब इस – रोड के लिए नगर रचना विभाग द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। दहिसर लिंक रोड से भायंदर तक करीब 5 – किलोमीटर लंबे और 45 मीटर चौडे रोड का निर्माण करने की परियोजना है। जिसमें – से 1.5 किमी भाग मुंबई मनपा के अधीन है जबकि 3.5 किमी भाग मीरा-भायंदर मनपा के अधिकार क्षेत्र में है, जिसमें सर्वाधिक भूभाग नमक की खेती और मैंग्रोज के पेड़ और निजी मालिकी भूखंड से बाधित है। इसका सर्वेक्षण कर संबंधित भूखंड मालिकों से भूमि अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ऐसी जानकारी नगर रचनाकार पुरुषोत्तम शिंदे ने दी है। मीरा भायंदर मनपा क्षेत्र में इस लिंक रोड का 3.5 किलोमीटर का हिस्सा पड़ता है। इस मार्ग में बाधित होने वाली भूमि का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया मनपा प्रशासन को पूर्ण करना है। इसके लिए मनपा ने 37 अ के अनुसार इस मार्ग को मनपा के विकास प्रारूप (डीपी) में समाविष्ट करने का प्रस्ताव नगर विकास विभाग को सादर किया था। जिसे राज्य सरकार ने मार्च माह में मंजूरी दे दी थी। हाल ही में मनपा आयुक्त संजय श्रीपतराव काटकर ने इस मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया था।

दहिसर-भायंदर एलिवेटेड रोड (डीबीएलआर) मुंबई महानगरपालिका की एक महत्वपूर्ण परियोजना है। एलएंडटी कंपनी को इस परियोजना का कार्य देना निश्चित किया गया है। इस परियोजना पर करीब 1 हजार 998 करोड रुपए का खर्च अनुमानित है। साथ ही इस परियोजना को 4 वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह परियोजना पूर्ण होने पर दहिसर पश्चिम से भायंदर पश्चिम 10 मिनट में बिना सिग्नल की बाधा के पहुंचा जा सकेगा।
इस लिंक रोड परियोजना में नमक उत्पादकों के जमीन बाधित हो रहे हैं। नमक के खेती की जमीन केंद्र सरकार की नहीं नमक उत्पादकों की है। इस जमीन के मालिकाना हक की उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई चल रही है।
इसका फैसला नमक उत्पादकों के पक्ष में आने का दावा किया जा रहा है। मुंबई महानगरपालिका अगर यह परियोजना कर रही है तो इसमें बाधित होने वाले जमीनो का विधिवत भूमि अधिग्रहण कर नियमानुसार मुआवजा दें।
ऐसी मांग नमक (मिठ) उत्पादक छोटे शिलोत्री संघ के अध्यक्ष अशोक बलवंत पाटील ने की है।


