- एलिवेटेड रोड की डीपीआर तैयार
कानपुर (सं. भा.) जरीबचौकी चौराहा, टाटमिल चौराहे के आसपास चढ़ने व उतरने के लिए रैंप बनेंगे। गोल चौराहे से रामादेवी तक चार लेन की प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। डीपीआर बनाने वाली कंपनी हेक्सा ने इसे एनएचएआई और एनएच पीडब्ल्यूडी को भेज दिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। करीब आठ मीटर ऊंची इस एलिवेटेड रोड की अनुमानित लागत 1100 करोड़ रुपये है।
रामादेवी से गोल चौराहे तक लगभग 11 किलोमीटर लंबी जीटी रोड पर रोजाना घंटों जाम रहता है। इस मार्ग पर टाटमिल चौराहा, झकरकटी बस अड्डा, पुलों के ऊपर और जरीब चौकी चौराहा प्रमुख जाम प्वाइंट हैं। साथ ही रामादेवी से पीएसी मोड़, अफीमकोठी और अनवरगंज-मंधना रेलवे बंद होने पर इस रूट की क्रॉसिंग पर यातायात बाधित रहता है। इसके मद्देनजर एनएचएआई के निर्देश पर एनएच पीडब्ल्यूडी ने एलिवेटेड रोड निर्माण की योजना बनाई थी। पिछले साल हैदराबाद की सलाहकार कंपनी हेक्सा को डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
डीपीआर के मुताबिक रोड पर चढ़ने-उतरने के लिए रामादेवी, गोल चौराहा, जरीब चौकी और टाटमिल चौराहे के आसपास रैंप बनाए जाएंगे। इस रोड को घंटाघर से जोड़ने के लिए हैरिसगंज पुल भी चौड़ा किया जाएगा और इसे रामादेवी चौराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा ताकि थोक बाजारों, मोहल्लों से लोग चंद मिनटों में अहिरवां एयरपोर्ट पहुंच सकें।
गोल चौराहे तक बनने वाली यह एलिवेटेड रोड मेट्रो ट्रैक की तरह सिंगल पिलर पर बनाई जाएगी। पिलर मौजूदा जीटी रोड के डिवाइडरों पर होंगे। उपरिगामी सड़क करीब 14 मीटर चौड़ी होगी और दो-दो लेन के बीच डिवाइडर भी बनेगा।


