- महाराष्ट्र में होटल संचालकों पर F.D.A. की ‘सख्त नज़र’
- लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
मुंबई (स भा): महाराष्ट्र में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए अब खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य हो गया है, खासकर शाकाहारी और मांसाहारी भोजन तैयार करने के संबंध में। राज्य के अन्न व औषधि प्रशासन (F.D.A.) आयुक्त राजेश नार्वेकर ने एक ही बर्तन में दोनों प्रकार के भोजन पकाने वाले होटल चालकों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (एफएसएस अधिनियम) के तहत, शाकाहारी और मांसाहारी भोजन की तैयारी, प्रक्रिया और पकाने के लिए अलग-अलग बर्तनों का इस्तेमाल होना चाहिए।
राज्यभर में हो रही है जांच, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
वर्तमान में, राज्य के सभी होटल, रेस्टोरेंट और उपहारगृह में इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है। नार्वेकर ने चेतावनी दी है कि जो होटल चालक अन्न सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं, उन पर दंड लगाया जा सकता है, या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
F.D.A. की ओर से पिछले साल 30 हज़ार होटल चालकों को अन्न सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया गया था, और इस साल एक लाख होटल चालकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
ऐसे करें शिकायत: नए अधिकारी और हेल्पलाइन उपलब्ध
नार्वेकर ने बताया कि राज्य में 189 नए अन्न सुरक्षा अधिकारी सेवा में शामिल हुए हैं, जिससे होटलों की जांच का काम और तेज़ी से हो सकेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे मिलावट या नियमों के उल्लंघन के बारे में एफडीए की हेल्पलाइन, फूड सेफ्टी कनेक्ट एप, या एफडीए के कार्यालय अथवा वेबसाइट https://fda.maharashtra.gov.in पर शिकायत कर सकते हैं। यह कदम ग्राहकों के स्वास्थ्य और धार्मिक भावनाओं दोनों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।


