भायखला पुलिस ने किया भंडाफोड़
मुंबई (सं. भा.) : भायखला पुलिस ने पालघर जिले के निहालपाड़ा में चल रही एक नकली नोट बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पिछले सात महीने से खेत में बने एक शेड यह फैक्ट्री चलाई जा रही रही थी। इस मामले में मुंब्रा में रहने वाले उमरान उर्फ आसिफ बलबले (48 वर्ष), भायखला निवासी यासीन युनूस शेख (42 वर्ष) और भीम सिंह बडेला (45 वर्ष) सहित पालघर जिले के निहालपाड़ा में रहने वाले नीरज वेखंडे (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। इस गोरखधंधे का मास्टरमाइंड खलील अंसारी फरार हो गया है। यह गिरोह मोटरसाइकिल के डिक्की में नकली नोटों को मुंबई तक लाते थे। प्रारंभिक जांच से यह भी पता चला है कि इस गिरोह के द्वारा छापे गए नकली नोट चुनाव के दौरान मुंबई के कुछ इलाकों में बांटे गए थे। यह लोग 35 – 40 हजार रुपए के एवज में एक लाख नकली नोट देते थे।

पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बाजार में नकली नोट चलाने के उद्देश्य से भायखला आ रहे हैं। उस सूचना के आधार पर भायखला पुलिस ने जाल बिछाया। वरिष्ठ निरीक्षक चिमाजी आढाव के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक जितेन्द्र शिंगोटे, सहायक निरीक्षक सुहास माने, उपनिरीक्षक सचिन पाटिल आदि ने जाल बिछाया। एक पान बीड़ी की दुकान के पास तीन संदिग्ध लोग पुलिस टीम को दिखे। पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर उनकी तलाशी ली तो 500 के 200 नकली नोट बरामद हुए। तीनों आरोपियों के बताए अनुसार पुलिस की एक टीम पालघर के निहालपाड़ा गयी। पता चला कि फरार आरोपी खलील और नीरज पिछले सात महीने से नकली नोट का कारोबार खेत में बने शेड में कर रहे थे। मुख्य मास्टरमाइंड व फरार आरोपी खलील कुछ दिन पहले ही एक आपराधिक मामले में जमानत पर रिहा हुआ था। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने नीरज की मदद से नकली नोट बनाने का गोरख धंधा शुरू किया था।
दिलचस्प बात यह है कि उनके पास नकली नोटों की पहचान करने वाली मशीन भी थी। पुलिस ने घटनास्थल से एक पेन ड्राइव बरामद की है। भायखला पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी नकली नोटों के लिए कागज, रंग, स्केच पेन और तार कहां से लाते थे।


