- जानवरों के नए आवास का काम शुरू
मुंबई (सं. भा.) मुंबई का एक मात्र चिड़ियाघर रानी बाग पर्यटकों को लुभाने के लिए आए दिन कुछ नया कर रहा है। जिस प्रकार से बाघ को लोग पानी में तैरते देख रहे हैं, उसी प्रकार पर्यटक अब मगरमच्छ और घड़ियाल को भी पानी में गोता लगाते हुए देख पाएंगे वो भी बेहद करीब से। इन दो जानवरों के नए आवास का कार्य शुरू हो गया है।
भायखला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले पार्क और चिड़ियाघर इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पेंगुइन और बाघों को पानी में तैरते देख वो भी बेहद करीब से काफी मजेदार अनुभव होता है. खासकर स्कूली बच्चों के लिए। पहले केवल पिंजड़े हुए करते थे लेकिन अब पिंजड़े की डिजाइन इस कदर की जा रही है कि जानवरों के लिए वो अनुकूल हो साथ ही में दर्शकों को जानवरों की झलक पाने के लिए मशक्कत न करना पड़े। रानी बाग चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. संजय त्रिपाठी ने बताया कि रानीबाग को ‘अंतर्राष्ट्रीय चिड़ियाघर पार्क में तब्दील किया जा रहा है। पहले रानीबाग के बगीचे में मगरमच्छ के बाड़े छोटे पड़ रहे थे। अब उन्हें इस तरह से विकसित किया जा रहा है कि पर्यटक बहुत नजदीक से पानी में तैरते और बैठे हुए देख सकते हैं. मगरमच्छों और घड़ियालों के लिए नया प्राकृतिक आवास बनाने का काम चल रहा है। परियोजना के पूरा होने के तुरंत बाद पर्यटक कांच के माध्यम से मगरमच्छ और घड़ियाल को पानी में तैरते हुए देख सकेंगे। बच्चा के लिए यह एक अनोखा अनुभव होगा। इस समय चिड़ियाघर में 6 मगरमच्छ और 2 घड़ियाल हैं। फिलहाल उन्हें अलग जगह पर रखा गया है, बाड़े का काम होते ही उन्हे फिर से शिफ्ट कर दिया जाएगा।


