- 15 दिन देरी से शुरू हुआ सफाई का काम
मुंबई (सं. भा.) मानसून के लिए केवल एक महीने का समय बचा है. ऐसे में नाला सफाई को लेकर विरोधियों ने मनपा पर हमला बोल दिया है. यह सवाल भी किए गए कि क्या सफाई का काम समय पर पूर्ण हो पाएगा, क्योंकि इस बार नाला सफाई का कार्य 15 दिन देरी से शुरू हुआ है
मानसून में मुंबई में अधिक बारिश होने के कारण बाढ़ जैसी स्थित कई क्षेत्रों में निर्माण हो जाती है। कई बार नाला सफाई ठीक से न होने के कारण भी पानी का रिसाव नहीं हो पाता और दिक्कत बढ़ जाती है। साल भर मुंबई के नालों में जमा होने वाले कीचड़ की मानसून से पहले सफाई की जाती है। इस बार 15 दिन देर से सफाई का काम शुरू किया गया। बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने तय समय में नालों की सफाई का आदेश दिया था उसके बाद भी सफाई बेहद धीमी गति से चल रही है। यह आरोप मनपा के पूर्व विरोधी पक्ष नेता रविराजा ने लगाया है। अबतक केवल 27 प्रतिशत नालों की सफाई हुई।
मीठी नदी की सफाई भी अधूरी
बीएमसी है. बीएमसी के अनुसार मानसून आने से पहले नालों की 75 फीसदी, मानसून के दौरान 15 फीसदी और मानसून के बाद 10 फीसदी सफाई की जाती है। मुंबई में 2 लाख 89 हजार 699 मीटर लंबाई के 302 नाले हैं। इसमें से 9 लाख 7 हजार 160 मीट्रिक टन कीचड़ निकाला जाना है, जिसमें से 1 मई तक केवल 3 लाख 80 हजार 286 मीट्रिक टन कीचड़ निकाला गया है। 1 मई तक मुंबई शहर में 15 फीसदी, पूर्वी उपनगर में 38 फीसदी, पश्चिमी उपनगर में 30 फीसदी, मीठी नदी में 79 फीसदी और छोटे नालों की 30 फीसदी सफाई की गई है।
देरी से मिली प्रस्ताव को मंजूरी
अब तक कुल 27.66 प्रतिशत नालों की सफाई की गई है। बीएमसी का दावा है कि छोटे नालों सहित कुल 28.25 प्रतिशत नालों की सफाई की जा चुकी है। बीएमसी का कार्यकाल 7 मार्च, 2022 को समाप्त हो गया था, इसलिए नाला सफाई कार्य के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई थी। इस प्रस्ताव को बीएमसी आयुक्त व प्रशासक इकबाल सिंह चहल ने देर से मंजूरी दी नालों की सफाई का कार्यादेश 5 अप्रैल को जारी किया गया। इसलिए इस साल 15 दिन देरी से नालों की सफाई शुरू हुई।


