मुंबई (सं. भा.)
मुंबई में डेंगू और मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए बीएमसी ने बड़ा एक्शन प्लान लागू कर दिया है। मानसून से पहले ही शहर को मच्छरजनित बीमारियों से मुक्त करने के लिए हर वार्ड में रैपिड रिस्पांस एक्शन टीम गठित की गई है और ‘जीरो मॉस्किटो ब्रीडिंग’ अभियान तेज कर दिया गया है।
बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे मच्छरों के लार्वा पनपने वाली जगहों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई करें। साथ ही बुखार के लक्षण दिखने पर नागरिकों को तुरंत जांच और इलाज कराने की सलाह दी गई है, ताकि डेंगू और मलेरिया के मामलों को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
कंस्ट्रक्शन साइट्स पर खास फोकस
शहर में फैली 4,075 कंस्ट्रक्शन साइट्स को इस अभियान का मुख्य केंद्र बनाया गया है, जहां मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक रहती है। इन जगहों पर ‘आरोग्य साथी’ अभियान चलाकर श्रमिकों को जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल के तहत 20 से 30 हजार मजदूरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
डॉक्टरों और स्टाफ को भी ट्रेनिंग
बीएमसी ने पब्लिक हेल्थ सिस्टम के कर्मचारियों, निजी अस्पतालों, क्लीनिक के डॉक्टरों, सेफ्टी ऑफिसर्स और अन्य संबंधित कर्मियों को भी विशेष प्रशिक्षण देने की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य मरीजों की जल्द पहचान, सही इलाज और बीमारी के फैलाव पर समय रहते नियंत्रण करना है।
हर विभाग मिलकर चला रहा अभियान
बीएमसी स्वास्थ्य समिति के चेयरमैन हरीश भांदिर्गे के अनुसार, यह अभियान प्रशासनिक विभाग, मेडिकल ऑफिसर और पेस्ट कंट्रोल टीम के समन्वय से चलाया जा रहा है। शहर के सभी मनपा अस्पतालों, जनरल हॉस्पिटल, डिस्पेंसरी और हेल्थ सेंटर के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बीएमसी का दावा है कि इस व्यापक रणनीति और सख्त निगरानी के जरिए इस बार मानसून से पहले ही डेंगू और मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
बढ़ते डेंगू खतरे के बीच बीएमसी एक्शन मोड में, हर वार्ड में टीम तैनात
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