फतेहपुर (सं.भा.)। जिले में हो रहा अधाधुंध जलदोहन धरती की कोख खाली कर रहा है। हालात ये हैं कि जिले के लिए 13 में से 9 ब्लॉक डार्क जोन में पहुंच चुके हैं। इसके बावजूद बारिश का पानी सहेजने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए। सिंचाई व आम उपयोग में जितना पानी धरती से निकाला जा रहा है। उसका चौथाई भी संरक्षित न होने से हालात बेकाबू हो रहे हैं। यही स्थिति रही तो आने वाला समय और भयावह हो सकता है।
बारिश का पानी सहेजने के लिए सालभर जागरुकता अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसका असर कभी नहीं दिखाई देता। हालात हैं कि जिले में पानी का दोहन तो भरपूर किया जा रहा है, लेकिन संरक्षण के नाम पर सिर्फ हवा-हवाई बातें हो रही हैं। दरअसल बारिश के पानी को सहेजने का मुख्य आधार तालाब और नदी हैं। राजस्व रिकॉर्ड के हिसाब से जिले में तालाबों की संख्या तकरीबन 17 हजार है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ नौ हजार तालाब ही बचे हैं। बारिश का ज्यादातर पानी नदी-नालों में बहकर चला जाता है। यही कारण है कि जिले में अमेना, सेमरामानपुर जैसी बड़ी झीलें अतिक्रमण की जद में आकर समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई हैं। केवल चार ब्लाक सुरक्षित
सुरक्षित ब्लाक – देवमई, खजुहा, विजयीपुर, असोथर
डार्क जोन में ब्लाक
अति दोहित – भिटौरा
क्रिटिकल ब्लाक – ऐरायां, अमौली, बहुआ, धाता, हसवां, मलवां, तेलियानी
सेमी क्रिटिकल ब्लाक – हथगाम रेन वाटर हार्वेस्टिग योजना फेल
दो सौ वर्गमीटर से बड़ी छतों पर बारिश का पानी सहेजने और धरती तक पहुंचाने के लिए रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग योजना लागू की गई थी, लेकिन कहीं इसका पालन होता नहीं दिख रहा। सिर्फ विकास भवन व जिला चिकित्सालय की इमारत में ही यह सिस्टम काम कर रहा है। सौ घंटे की बारिश का पानी पूरी कर सकता है जरूरतें
लघु सिचाई विभाग के सहायक अभियंता एमपी सिंह के मुताबिक अगर 100 घंटे की बारिश का पानी सहेज लिया जाए तो साल भर तक 80 फीसद पानी की जरूरत को पूरा किया जा सकता है। इसके लिए हर व्यक्ति को जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सिंचाई व आम जरूरतों में 70 फीसद पानी बर्बाद किया जाता है। सिर्फ 30 फीसद पानी का ही सही प्रयोग होता है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य नियमों का पालन सख्ती से कराया जाएगा। डार्क जोन के ब्लॉकों में बुंदेलखंड की तरह खेत-तालाब योजना की कार्ययोजना भेजी जा चुकी है। बजट मिलने के साथ ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
चांदनी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी


