बाँदा (सं.भा.)। जनपद में कई खदानों की ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) बंद होने के बाद भी बालू का अवैध खनन थम नहीं रहा है। शुल्क न जमा होने के कारण कई खदानों में खनन प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन बालू कारोबारियों पर इसका असर नहीं पड़ रहा है। बुधवार की रात पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने भूरागढ़ में चेकिग की। एमपी के घाटों से बिना रवन्ना आ रहे 50 ओवरलोड ट्रकों को सीज कर दिया गया।
एएसपी लाल भरत कुमार पाल और एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ गुरुवार रात भूरागढ़ पुलिस चौकी के निकट ओवरलोडिग व अवैध खनन को लेकर चेकिग की। इस दौरान मध्य प्रदेश की मौरंग खदानों से 150-200 ट्रक बिना रवन्ना बालू लाद कर बांदा की सीमा भूरागढ़ से गुजरे। चेकिग के दौरान टीम ने 50 ट्रकों को पकड़ लिया। अन्य करीब 100 से ज्यादा ट्रक कार्रवाई की भनक लगते ही वापस मध्य प्रदेश की सीमा में जाकर छिप गए। एडीएम का कहना था कि बांदा जिले की सीमा पार करते ही उन्हें भी जब्त किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कई दिनों से वैध खदानों से ओटीपी (वन टाइम पास) रवन्ना दिया जाना बंद है, इसीलिए अब ट्रक चालक अवैध खदान से बालू ढो रहे हैं। प्रशासन ने बुधवार की रात भी ऐसी ही संयुक्त कार्रवाई की थी। मौके से करीब 60 ट्रक पकड़कर मंडी में खड़े कराए गए थे।
लहुरेटा व दुरेड़ी खदान में नहीं कोई अंकुश
खनिज विभाग और प्रशासन नरैनी के लहुरेटा और शहर से सटे दुरेड़ी खदान में मेहरबान है। यहां रातों दिन पोकलैंड मशीन से बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। बताते हैं बालू कारोबारी का सत्ता पक्ष में दखल होने के कारण पुलिस प्रशासन व खनिज विभाग चुप्पी साधे हुए है। यहां एनजीटी और शासन की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। केन की धारा बांधकर यहां बीच पानी से बालू निकाली जा रही है। ऐसे ही सोना और कनवारा खदान में भी बिना ओटीपी खनन का खेल चल रहा है।


