- 100 से ज्यादा स्कूलों में होगा रूफ गार्डनिंग का अभ्यास
मुंबई (सं. भा.) – अब बीएमसी के स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे ऑर्गेनिक फार्मिंग और किचन गार्डनिंग भी सीखेंगे। बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी ने इस अनूठी पहल के तहत मुंबई के 100 से अधिक स्कूलों में कृषि शिक्षा शुरू करने का आदेश दिया है। इसके तहत विद्यार्थियों को हरी सब्जियों, तुलसी, एलोवेरा और फूलों की खेती करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
बीएमसी के एक अधिकारी के अनुसार, इस योजना के लिए जल्द ही विशेष फंड जारी किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी स्कूल में खेती की बारीकियां सीखें और इसे अपने घरों में भी अपनाएं। बीएमसी गार्डन डिपार्टमेंट की मदद से यह शिक्षा दी जाएगी।

रूफ गार्डनिंग से होगा मिड-डे मील में ताज़ी सब्जियों का इस्तेमाल
बीएमसी ने प्रायोगिक तौर पर स्कूलों की छतों पर हरी सब्जियां उगाने का अभ्यास शुरू किया है। इन सब्जियों का उपयोग विद्यार्थियों के लिए बनने वाले मिड-डे मील में किया जाएगा। शुरुआत में मुंबई के 250 स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा, जिसमें से 100 स्कूलों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
माटुंगा और चेंबूर में सफल रहा पायलट प्रोजेक्ट
बीएमसी शिक्षा विभाग के अनुसार, माटुंगा और चेंबूर के स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत की गई थी, जो सफल रही। माटुंगा के एक स्कूल में 154 लोगों, जिनमें विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक शामिल थे, ने मिलकर रूफ गार्डनिंग का अभ्यास किया। इस प्रयोग में मूंग, मटकी, मक्का और धनिया की खेती सफलतापूर्वक की गई।
बीएमसी अधिकारी के अनुसार, इस योजना से विद्यार्थी शहरी कृषि के महत्व को समझेंगे और सीखेंगे कि कम जगह में किस तरह से खेती की जा सकती है। अधिक उत्पादन होने पर इन सब्जियों का उपयोग स्कूलों के मिड-डे मील में किया जाएगा।
मुंबई के सभी 24 वार्डों में बीएमसी के 1146 स्कूल हैं, जिनमें से 600 से 700 स्कूलों में रूफ गार्डनिंग प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इससे न केवल विद्यार्थियों को खेती की बुनियादी शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे अपने जीवन में भी इस कौशल को अपना सकेंगे।


