मुंबई (सं. भा.) मुंबई में क्लिनिक बंद रखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ बीएमसी ने मोर्चा खोल दिया है. बीएमसी ने एपिडेमिक एक्ट के तहत 20 डॉक्टरों को नोटिस भेजी है. दूसरी ओर मनपा के इस कदम से डॉक्टरों का नेतृत्व करनेवाली संस्था इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) इससे काफी नाराज है.

मुंबई में लगभग एक दर्जन डॉक्टर और नर्स कोरोना से ग्रसित हो चुके हैं. ऐसे में क्लिनिक चला रहे डॉक्टरों में भी बीमारी से संक्रमित होने का डर सता रहा है. उनके पास पीपीई किट नहीं है इसके लिए वे कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं. बीएमसी के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डॉक्टरों को अपनी सेवा देनी चाहिए और लोगों का उपचार करना चाहिए. यदि डॉक्टर के पास कोई संदिग्ध मरीज आता है तो उसे तुरंत बीएमसी अस्पताल में रिफर करना चाहिए. यदि वे ऐसा नहीं करते है तो ये एपिडेमिक एक्ट के उल्लंघन है. इसलिए हमने 20 निजी डॉक्टरों को नोटिस भेजा है. प्रत्येक वार्ड में लगभग 300 क्लिनिक है. सभी वार्ड ऑफिसर को इन क्लीनिकों पर नजर रखने का आदेश बीएमसी आयुक्त ने दिया है.
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अविनाश भोंडवे ने कहा कि बीएमसी ने पहले कहा कि संक्रमण से बचने के लिए एन 95 मास्क ही पर्याप्त है, लेकिन अब कई डॉक्टर, नर्स बीमारी से संक्रमित हो रहे हैं. बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि यदि संक्रमण का खतरा है तो हम डॉक्टरों को पीपीई किट भी उपलब्ध करा देंगे. रखने का निर्णय लिया है.


