मुंबई (सं. भा.) : कांदीवली पूर्व, समता नगर के उत्तर प्रादेशिक विभाग साइबर सेल ने बिहार के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को ठगने का काम करते थे। इस गिरोह में दो आरोपी इंजीनियरिंग में बी टेक किए हुए हैं। से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह लोग पेट्रोल पंप दिलवाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए ऐंठ लेते थे। उत्तर मुंबई साइबर पुलिस ने बिहार जा कर तीन में से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल रही है। उसके पास से अलग अलग कंपनी के 7 मोबाइल फोन, सिमकार्ड, अलग अलग बैंक के चेक बुक तथा पासबुक, 11 एटीएम कार्ड, पैनकार्ड के अलावा कॉल सेंटर से 3 लाख 8 हजार 200 रुपये बरामद किए है।
गौरतलब है कि मुंबई के मालाड पश्चिम, चिंचोली बंदर में रहने वाले विनय किशोर नेली (29) सरकारी पेट्रोल पंप आबंटन करवान चाहते थे। इसके लिए उन्होने इंटरनेट पर ऑनलाइन सर्च किया तो उनको Petrolpumpdistributer.in.login नामक वेबसाइट दिखी । वेबसाइट को लॉगिन करने के बाद रोहित गुप्ता नामक शख्स ने वेबसाइट पर पेट्रोल पंप के लिए एप्लीकेशन करने के लिए एक लिंक दिया। अप्लाई करने के बाद रोहित ने खुद उन्हें पासवर्ड और यूजर आईडी भी बनाकर दिया. ऑनलाइन एप्लीकेशन करने के बाद मुंबई में नए HPCL पेट्रोल पंप का लाइसेंस देने के अलावा इन्सुरेंस,जीएसटी आदी के नाम पर 11 मार्च से 14 मई तक विनय करीब 45 लाख 37 हजार 9सौ 99 रुपये इन चिटरों को दे चुके थे। 15 मई को जब रोहित ने विनय से और रुपए की मांग की तब उनको कुछ गड़बड़ होने का शक हुआ। खुद को ठगे जाने का इल्म होते ही विनय ने 14 मई 2021 को समता नगर साइबर सेल में शिकायत कर दी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 419,420. 66(द) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी। दोनों के बीच हुई बातचीत का सीडीआर निकालकर लोकेशन पता किया तो पता चला आरोपी रोहित बिहार के शेखपुरा का रहने वाला है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सरला वसावे , पीआई विनोद कनावज़े, महिला पुलिस एपीआई अनुराधा पाटील के मार्गदर्शन में पीएसआई शेवाले, पुलिस नाइक सावंत,अहिरे,गायकवाड़, पुलिस कांस्टेबल शिरालकर आरोपी की तलाश करते हुए बिहार के शेखपुरा से 9 जून को आरोपी गौरव प्रसाद (20) को गिरफ्तार कर ट्रांज़िट रिमांड पर मुंबई ले आए। यहां कोर्ट में पेश करने पर 17 जून तक पुलिस कस्टडी में रखने का आदेश दिया है।
पुलिस को आरोपी गौरव ने बताया कि उसका बड़ा भाई बलराम अपने दोस्त विकास के साथ मिलकर शेखपुरा में पिछले 5 सालों से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। आरोपी का भाई बलराम बी-टेक इंजीनियर है। बलराम के ऊपर बिहार में चोरी सहित अन्य गुनाह दर्ज है. तीनों मिलकर ऑनलाइन फर्जी वेबसाइट के नाम पर लोगो को ठगने का काम करते थे।


