- करीब 11 लाख विद्यार्थियों का स्कूलों में नही हो पाया है आधार लिंक
मुंबई (सं. भा.) : साल पहले स्कूली शिक्षा विभाग ने विषयर्थियों को आधार से लिंक करने की योजना बनाई थी। यह योजना अभी तक आधारहीन साबित हुई है।
बतादें कि राज्य के स्कूलों में मौजूदा शैक्षणिक सत्र में 11 लाख से ज्यादा ऐसे विद्यार्थी हैं जिनके पास या तो आधार कार्ड नहीं है या उनके आधार कार्ड में विसंगति है। स्कूली शिक्षा विभाग ने 2015 में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का आधार कार्ड लिंक करने की योजना शुरू की थी, ताकि फर्जी विद्यार्थी दिखाकर अनुदान लेने वाली संस्थाओं पर लगाम लगाई जा सके। साथ ही विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या के मुताबिक उन्हें जरूरी सुविधाएं प्रदान की जा सकें। लेकिन नौ साल बाद भी इस योजना को जमीन पर नहीं उतारा जा सका। मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने स्वीकार किया कि राज्य में 3,34,182 विद्यार्थी ऐसे हैं जिनके पास आधार कार्ड ही नहीं है। इसके अलावा 8 लाख 7 हजार 825 विद्यार्थियों के आधार कार्ड में विसंगति है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन विद्यार्थियों के पास आधार कार्ड या नहीं है या उनमें विसंगति है उन्हें भी मुफ्त गणवेश समेत दूसरी | योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

महाराष्ट्र स्कूल प्रिंसिपल्स एसोसिएशन के महेंद्र गणपुले ने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों के नाम और जन्म तारीख पहले से दर्ज हैं। ऐसे में आधार सेंटर में नाम या जन्मदिन लिखने में जरा-सी गड़बड़ी होने पर समस्या हो जाती है। आधार कार्ड बनाने के दौरान दिया गया मोबाइल नंबर कई बार बंद हो जाता है। ऐसे में जिस कार्ड में गड़बड़ी है उसे ठीक करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि बदलाव के लिए ओटीपी पुराने नंबर पर ही भेजा जाता है।
कितने विद्यार्थी बिना आधार
कुल विद्यार्थी – 2,12,28,676
वैध आधार – 2,00,86,671
आधार में विसंगति – 8,07,825
आधार नहीं – 3,34,182


