मुंबई (सं. भा.)। लॉकडाउन के चलते ८ महीने मे भवन निर्माण क्षेत्र को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था। लागत मे बढ़ोत्तरी होने तथा लोगों की क्रय शक्ति कम होने से लाखों घर तैयार पड़े थे जिनका कोई खरीददार नही निकल रहा था। बिल्डरों का अरबों रुपया इसमे फसा हुआ था जिसकी रोलिंग नही होने से बैंको के कारभार पर भी असर हुआ था। इसको देखते हुए राज सरकार ने घरों की बिक्री मे लगने वाले स्टाम्प ड्यूटी मे छूट देने की घोषणा की थी जिसका असर काफी जोरदार रहा लॉकडाउन खुलने के बाद से मुंबई ही नही पुरे राज्य में जम कर घरों की बिक्री हुई, मुंबई मे साल के अंतिम महीने मे १९२२० घरों की बिक्री हुई। स्टाम्प ड्यूटी में कटौती, अर्थव्यवस्था में तेजी और सस्ते होम लोन के कारणमुंबई में दिसंबर २०२० के महीने में घरों की भारी बिक्री हुई है, दिसंबर २०२० में अनुमानित १९२२० यूनिट बिक्री दर्ज की गई है। लोगों ने स्टाम्प ड्यूटी में कटौती का फायदा उठाने के लिए बड़ी संख्या में खरीद सौदे किए और पंजीकरण कराया। हालांकि एक जनवरी से स्टाम्प ड्यूटी १ प्रतिशत बढ़ने से बिक्री कुछ धीमी हो सकती है। २०२० में बेचे गए अपार्टमेंट का कुल मूल्य १० प्रतिशत वर्ष-दर बढ़ा है और औसत फ्लैट मूल्य ३ वर्षों में अपने उच्चतक मार्क तक बढ़ा है।
संपत्ति सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया के मूताबिक, विशेष रुप से महीने के आखिरी दिनों में बिक्री ज्यादा बढ़ी, जहां २८ से ३१ दिसंबर, २०२० के बीच ३, ४२५ यूनिट्स दर्ज की गई थी। चूंकि स्टाम्प ड्यूटी एक जनवरी, २०२१ से १ प्रतिशत बढ़ना निर्धारित है, इसलिए साल के आखिरि कुछ दिनों में पंजीकरण में जोरदार वृद्धि हुई। २५ दिसंबर २०२० तक, दिसंबर माह में पंजीकृत होने वाली यूनिट्स की दैनिक औसत संख्या ५८५ यूनिट्स पर थी। जबक २७ से ३० दिसंबर के बीच अंतिम सप्ताह में पंजीकरण का यह दैनिक औसत लगभग दोगुना होकर १०१९ यूनिट्स हो गया।
४ माह में ४२०४७ फ्लैट्स की बिक्री
नाइट फ्रैंक के अध्यक्ष शिशिर बैजल ने कहा कि ड्यूटी में कटौती ने की ने घरों की बिक्री और पंजीकरण के लिए मार्ग तैयार किए हैं। जहां मुंबई के बिल्डरों ने इतिहास में सबसे अच्छी बिक्री दर्ज की। १ सितंबर, २०२० से लागू ३ प्रतिशत की कटौती के बाद घरों की बिक्री में हर महीने लगातार बढ़ोत्तरी हुई हैं।


