शून्य से सफर शुरू,,सच है क्या!
शून्य से असर शुरू,,सच है क्या!!
बात आज भी वहीं से होती है!
शून्य से मगर शुरू,, सच है क्या!!
सोच कर अभी-अभी देखा तो!
शून्य से खबर शुरू,,सच है क्या!!
बात मेहनत से ही बनती पर!
शून्य से प्रखर शुरू,,सच है क्या!!
दांव हार-जीत के तो जीवन में!
शून्य से जबर शुरू ,,सच है क्या!!
बचपना, जवानी, पर बुढापे में,,
शून्य से सबर शुरू,,सच है क्या!!
फेल पास के चक्कर में “केवल”!
शून्य से रगर शुरू,, सच है क्या!!
…आनंद पाण्डेय “केवल”


