मुंबई (सं. भा.)। कोरोना रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए देश भर में तालाबंदी है। सरकार बार-बार नागरिकों से आग्रह कर रही है कि वे संक्रमण के जोखमि से बचने के लिए अपने घरों को न छोड़े। हालांकि मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में ही केवल यात्रा की अनुमति है। लेकिन डर के कारण कई लोग रुटीन चिकित्सा के लिए डॉक्टर के पास नही जा रहे हैं। इसे देखते हुए मुंबई सेंट्रल और मीरारोड में वॉकहार्ट हॉस्पिटल ने एक नई योजना बनाई है।
इसके द्वारा मधुमेह, ह्रदय रोग, गुर्दे की बीमारी या अन्य बीमारियों वाले रोगियों को ओपीडी विभाग में होने की आवश्यकता नहीं है। केवल मरीज फोन द्वारा डॉक्टरों से संवाद कर सकते हैं। इस ऑनलाइन प्रक्रिया में, डॉक्टर केवल रोगी की बीमारी को जानेंगे और सलाह देंगे कि क्या उपचार किया जान चाहिए।
वाक्हार्ट अस्पताल के (केंद्र प्रमुख) डॉ. पराग रिंदानी ने कहा कि, कोरोना एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। इस चुनौती से एकजुट होकर निपटने की जरुरत है। इसके लिए जितना संभव हो एक-दुसरे से अलग रहना आवश्यक है।
ताकि संक्रमण से बचा जा सके। इसे देखते हुए, मरीजों के लिए यह सर्वोत्तम हित में था कि वे इलाज के लिए अस्पताल आने के बजाय घर पर चिकित्सा उपचार कैसे प्राप्त करेंगे। रोगियों को अब उनके डॉक्टरों से ऑनलाइन चिकित्सा सलाह दी जाएगी। इस कारण, रोगियों को इलाज के लिए अस्पताल आने की जरुरत नहीं है, उनको घर पर ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलेगी।


