चारों ओर फईलल बा लव क बिमरिया,
बतावा कइसे बीती राम बाकी उमिरिया।
बानी सन्यासी हमके लव से एलर्जी,
लोगवा कहैंन येसे आवेला एनर्जी।
कइसे बचाई जान लागल फिकिरिया*
बतावा कइसे बीती राम बाकी उमिरिया।
जिनगी में रस नईखे नीरस देखाला,
प्यार क चारों ओरी बाटै बोलबाला।
डगमग पांव पडै चलत क डगरिया*
बतावा कइसे बीती राम बाकी उमिरिया।
.नये नये लइकन के लागेला इ खेला,
अउरी पुरनिया के प्यार बा झमेला।
तनिका उठाके देखा आपन नजरिया*
बतावा कइसे बीती राम बाकी उमिरिया।
गीतकार* रसियाकुमार


