मुंबई (सं.भा.)बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने अपने बचपन से जुड़ी ऐसी याद साझा की है, जिसने उनके व्यक्तित्व का एक अलग पहलू सामने रखा। अभिनेत्री ने बताया कि छोटी उम्र से ही उनके मन में बड़ा मुकाम हासिल करने की चाह थी, लेकिन उनके सपनों के केंद्र में खुद से ज्यादा उनके माता-पिता की खुशियां थीं।‘रेंडेजवस विद सिमी ग्रेवाल’ में बातचीत के दौरान रानी ने बताया कि बचपन में दुकान पर पसंद की कोई चीज देखकर भी वह जिद नहीं करती थीं। उन्हें लगता था कि यदि उनकी मां वह चीज खरीदने में सक्षम नहीं हैं, तो अपनी इच्छा बताकर उन्हें परेशान करना ठीक नहीं होगा।रानी के मुताबिक, वह मन ही मन सोचती थीं कि एक दिन वह इतनी सफल बनेंगी कि अपने माता-पिता की सभी जरूरतें और इच्छाएं पूरी कर सकें। उन्होंने कहा कि बचपन में ही उन्हें परिवार की परिस्थितियों और माता-पिता की भावनाओं को समझने की आदत हो गई थी।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उनकी सोच उनकी उम्र के दूसरे बच्चों से कुछ अलग थी। जहां बच्चे आमतौर पर अपनी इच्छाओं को लेकर उत्साहित रहते हैं, वहीं उनके लिए परिवार की खुशी सबसे महत्वपूर्ण थी। गौरतलब है कि रानी मुखर्जी ने अपने अभिनय करियर में कई यादगार किरदारों के जरिए अलग पहचान बनाई है।


