मुंबई (सं. भा.) | कांदिवली (प), इरानीवाडी के पास पोइसर नदी और छोटेनाला के बीच की बस्ती अभिलाषनगर में एसआरए की खूब हलचल है | इस बात को लेकर यहां खूब गुटबाजी पनपी है जिसके चलते अपने ही बस्ती के रहने वाले एक दूसरे के लिए बेगाने बनने लगे है | गुटों में अपनी-अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए मीटिंग, सेटिंग और नोटिस का खेल जारी है |
वार्ड क्रमांक १९ के अंतर्गत आनेवाला अभिलाषनगर में जब बिल्डर लाबी का आगाज हुआ है तब काफी दिनों से शांत पड़े इलाके में पटने-पटाने तथा मान-मनौवल के मेले में बदल गया है | गली, चौराहे, नाके, चाय-पान की दुकानों तथा लोगों के घरों में बिल्डर की चर्चा है | पोइसर नदी और नाले के विस्तार से प्रभावित होने वाले लोगों को महानगर ने नोटिस जारी कर उनके घरों के कागजात मांगा है | बहुत पहले से यहाँ बिल्डर लाने का ख्याली पुलाव पक रहा था जो अब हकीकत में बदल गया है | यहां के कुछ वासिंदों की बात सच माने तो स्थानीय भाजपा विधायक योगेश सागर, मनपा आर / साऊथ के सहायक आयुक्त संजय कु-हाडे और वार्ड ३१ के नगरसेवक कमलेश यादव नाराज है | उनके नाराज होने का मुख्य कारण बिल्डर का चयन बताया जा रहा है | यहां के झोपड़ा धारक दो खेमे में बटे है | जिनमें में एक खेमा एसआरए के उद्देश्य से बनी शिव-डेल्टा रहिवासी सेवा-संघ (नियोजित ) का है | जो मैत्री-सिया ग्रुप को लाकर झोपड़ा धारकों के एग्रीमेंट और सर्वे के काम को अंजाम देना शुरू कर दिया है | वही दूसरा खेमा है रुपारेल बिल्डर का समर्थक जो मैत्री-सियाग्रुप के एकदम खिलाफ है | लोग इस बात से अंदाजा लगा रहे है कि बगल की बस्तियों में रुपारेल बिल्डर के लिए काम करने वाली मंडली यहां मंडराने लगी है | आसपास की चाय-पान की दुकानों पर यह बात आम चर्चा में है | मनपा आर / दक्षिण के सहायक आयुक्त भी बस्ती पर पहले रूठे है | उनके विरुद्ध मनपा के आला अधिकारियों से शिकायत हुई है | अब मनपा ने नाले के विस्तार हेतू नोटिस निकाला है | जिन्हें मनपा ने नोटिस थमाया वही लोग सियाग्रुप से एग्रीमेंट किए है | नोटिस मिलने वालों का आरोप है कि यह सब साजिश के तहत हो रहा है ताकि हम लोग डरकर रुपारेल समर्थकों के साथ हो जाए, नहीं तो मनपा अभी तक कुछ नहीं बोल रही थी अब अचानक जाग कैसे गई ? प्रभावितों का कहना है कि जो खेमा लालजीपाड़ा, गणेशनगर और केडी कंपाउंड में रुपारेल बिल्डर के लिए काम कर रहा है, उनके इशारे पर सब हो रहा है | इससे लोग अंदाजा लगा रहे है कि पर्दे के पीछे से रूपारेल है | नाले में प्रभावित होनेवालों ने दूर विस्थापित होने के बदले यही रहने के लिए सियाग्रुप से साथ गए थे लेकिन उनके लिए बिल्डर लाबी के लिए काम करने वाले कुछ लोग अड़चन डाल रहे है | शिकायतें एसआरए के टेबल और दस्ताबेजों तक पहुंचने लगी है | नाले के निर्माण से होने वाले प्रभावितों का आशा है कि उन्हें यहां से आसानी से बेदखल करने वालों के मंसूबे पूरा नहीं होगा | क्योंकि, गरीब झोपड़ा धारकों के लिए आरपीआई नेता रामदास आठवले, भाजपा संसद गोपाल शेट्टी, शिवसेना के विभाग प्रमुख सुधाकर सुर्वे और स्थानिय नगरसेवक प्रतिभा गिरकर उनके साथ है |


