मुंबई (सं. भा.) : समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग — नाबालिग बच्चों और लापता महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुंबई पुलिस ने 17 अप्रैल से ‘ऑपरेशन शोध’ की शुरुआत की है। यह विशेष अभियान 15 मई तक चलेगा, जिसका उद्देश्य गुमशुदा बच्चों और महिलाओं को तलाशकर उन्हें सुरक्षित रूप से उनके परिजनों तक पहुंचाना है। इस मानवीय पहल में पुलिस आम नागरिकों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) का सहयोग भी ले रही है।
पुलिस ने नागरिकों से आह्वान किया है कि यदि कहीं कोई बच्चा या बच्ची संदिग्ध परिस्थिति में नजर आए तो संवाद स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें। भटके हुए बच्चों के संबंध में डायल 100 या 1098 पर तत्काल कॉल कर सूचित करने की अपील भी की गई है, ताकि त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सके।
‘ऑपरेशन शोध’ के तहत धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, अस्पतालों, होटलों और लॉज जैसे संभावित स्थलों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जाएगा। पुलिस ने उन स्थानों को विशेष रूप से चिह्नित किया है जहां लापता बच्चे और महिलाएं आश्रय ले सकते हैं या देखे जा सकते हैं।
सरकार ने नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष पोर्टल https://missionvatsalya.wcd.gov.in उपलब्ध कराया है, जहां खोये या पाए गए बच्चों एवं महिलाओं की जानकारी साझा की जा सकती है। इससे न केवल खोज अभियान को गति मिलेगी बल्कि एक संगठित प्रयास के माध्यम से अधिक से अधिक जीवन सुरक्षित किए जा सकेंगे।

मुंबई पुलिस का यह अभियान न सिर्फ कानूनी कर्तव्य का निर्वहन है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी सशक्त उदाहरण है, जो मानवीय संवेदनाओं के संरक्षण हेतु एक सराहनीय कदम के रूप में सामने आया है।


