रहस्य मेरा जाने कोई एक माध्यम है लोगों को बताने का, लोगों को जगाने का, लोगों को एक आईना दिखाने का!
इस कठिन काल में, इस परेशानी के दौर में आपने शायद बहुत चीजें सीखी भी होगी,बहुत चीजों को नजरअंदाज भी किया होगा, बहुत अपने आपको पराए भी लगने लगे होंगे और बहुत पराए आपको अपने भी लगने लगे होंगे! इसका एकमात्र कारण है आपने अपने लोगों को अपने रिश्तो को समय दिया!!
ज्यादा समय देने से आपने उन्हें ज्यादा जानकारी भी दी और ज्यादा जानकारी जब किसी भी व्यक्ति किसी भी समाज को अपने बारे में दी जाती है तो वह आपके बारे में सारी चीजों को अच्छे से अध्ययन कर सकता है!
इस नश्वर संसार में प्रकृति ने इस ईश्वर ने आपको एक मुंह और दो कान दिए हैं! उनका प्रमुख उपयोग बातों को कई बार सुनना और जरूरत पड़ने पर ही बोलना है!
आपके द्वारा दी गई अपनी सारी जानकारी कभी-कभी दुख का कारण भी हो जाती है,
चाहे वह आपका परिवार हो चाहे वह आपका समाज कभी कभी आप ठगी की शिकार भी हो जाते हैं!
साइबर एक्सपर्ट्स की जानकारी के मुताबिक एक छोटी सी बात बताना चाहूंगा कि जब भी आप अपना मोबाइल नंबर कई जगह शेयर करते हैं चाहे वह अस्पताल हो, बैंक हो कोई यूनिवर्सिटी हो, कोई सर्वे फॉर्म भरा जा रहा है जहां पर आपने अपना पर्सनल मोबाइल नंबर शेयर कर दिया है, उससे आपकी गोपनीयता को भंग किया जा सकता है!
आपने कभी सोचा नहीं जब भी आप मोबाइल नंबर कहीं भी शेयर कर देते हैं उसके बाद आपको तरह- तरह के ऑफर का फोन आने लगता है लोन ले लीजिए ,अपना ब्लड टेस्ट करा लीजिए ,अपना क्रेडिट कार्ड बनवा लीजिए ,अपने बच्चे का एडमिशन करवा लीजिए इस तरह के जो लालच है इस तरीके का जो एक प्रचार का माध्यम है, कई बार दुख का कारण बन जाता है और आप ठगी के शिकार हो जाते हैं!
अपने पासवर्ड चाहे वह आपका मोबाइल का हो चाहे वह आपके बैंक का हो या किसी भी अन्य माध्यम का किसी भी व्यक्ति यहां तक कि किसी भी परिवार के सदस्य के साथ भी साझा ना करें!
इस कठिन काल के दौर में जो हम लोगों ने इतने लंबे समय से काटा, लॉकडाउन लगा, अनलॉक लगा लेकिन इसमें मेरा व्यक्तिगत मानना है कि परिवार जो आपके अपने हैं उसमें भी आपके साथ आपकी मानसिकता की ठगी हुई!!
बहुत लोगों के आपके बारे में, आपके आय व्यय के बारे में,लोगों को पता चला आपकी परेशानियों का पता चला और जब यह कठिन काल
निकलने लगा तो यह आपके लिए कठिन समय बनने लगा क्योंकि आप अपना रहस्य लोगों से साझा कर चुके थे ,अपनी परेशानियां लोगों को बता चुके थे ,लेकिन वह समय चला गया है!
भगवान बुद्ध ने कहा है कि यह समय भी चला जाएगा तो हमेशा मैं आप लोगों को बताना चाहूंगा कितना भी कठिन काल आए, कितना भी कठिन समय आ जाए ,आंसू ना बहाये सिर्फ अपने आपको जगाए!
आप अपने अंदर जो आपका हुनर है उस को बरकरार रखें आज काम नहीं आया कल जरूर काम आएगा उसको जंग ना लगाएं उसको खराब ना होने दें!
अपने मन की बात दूसरे के सामने रखने से मन हल्का हो जाता है ऐसा बहुत लोगों का मानना है लेकिन मैं बताना चाहूंगा कि आपको उन लोगों के सामने अपने मन की बात रखनी ही नहीं पड़ती जो आपके अपने होते हैं वह अपने आप ही आपकी परेशानियां समझ जाते हैं
(मानसिक ठगी )यह मेरा व्यक्तिगत मानना है इससे व्यक्ति हताश ,निराश और समाप्त हो रहा है दिन पर दिन मानसिक ठगी का शिकार हो रहा है !
मानसिक ठग कौन होते हैं? यह आपके अपने भी हो सकते हैं ,यह समाज के लोग भी हो सकते हैं जो आपकी भावनाओं को ठग लेते हैं और उसके बाद आपको ठग लेते हैं!!
मेरा सरकार से अनुरोध है कि मानसिक ठगी की वर्कशॉप का आयोजन विभिन्न स्थानों पर कराया जाए और लोगों को जागरूक किया जाए कि हम किस तरीके से मानसिक ठगी का शिकार ना हो और उस से बच पाए ताकि हम आर्थिक और मानसिक दोनों समस्याओं से छुटकारा पा सके!!
लेखक अभिषेक त्रिपाठी


