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संजय गांधी नेशनल पार्क से सटे केतकीपाड़ा की कामर्शियल दुकानों को वन विभाग द्वारा तोड़ने की नोटिस का मुद्दा गरमाया !

– जनसेवक गोपाल शेट्टी का एलान – ‘मैं केतकीपाड़ा की जनता के साथ था, हूँ और रहूंगा”

बोरीवली (सं. भा.) : संजय गांधी नेशनल पार्क की सीमा से सटे दहिसर के केतकीपाड़ा की अनेक दुकानों को तोड़ने के लिए वन विभाग द्वारा नोटिस जारी की गई थी। इस संदर्भ में जनसेवक गोपाल शेट्टी का कहना था कि 100-50 फीट की छोटी-मोटी दुकानों को बड़े पैमाने की कामर्शियल दुकानों के रूप में देखना ठीक नहीं। अगर ऐसा तकनीकी रूप से हो भी तब भी मानवीय आधार पर ही चाकलेट-बिस्कुट्स बेच रहे इन छोटे दुकानदारों के व्यवसाय को देखना चाहिए और अगर वे सरकारी जमीन पर हैं तो उन्हें अन्यत्र बसाने का भी प्रयास होना चाहिए। इसी मंशा से जनसेवक गोपाल शेट्टी, केतकीपाड़ा के झोपड़ों और चालों में वर्षों से रह रहे निवासियों की ‘खुद’ का पक्का मकान/दुकान ना हो पाने जैसी समस्या का हल निकालने के लिए विशेष रूप से फॉरेस्ट ऑफिसर मल्लिकार्जुन जी. से मिले और केतकीपाड़ा के लोगों व छोटा-मोटा व्यवसाय कर रहे दुकानदारों की तकलीफ और उनकी बात रखी।

इस मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए जनसेवक गोपाल शेट्टी ने कहा कि सीमांकन न होने के कारण ही केतकीपाड़ा क्षेत्र का ना तो ठीक से विकास हो रहा है औऱ ना ही यहां के निवासियों के खुद के पक्के मकान/दुकान का उनका सपना ही साकार हो पा रहा है।

जनसेवक गोपाल शेट्टी के अनुसार उन्होंने फारेस्ट आफिसर मल्लिकार्जुन जी. से कहा भी कि केतकीपाड़ा सहित संजय गांधी नेशनल पार्क से सटे अन्य इलाके और सीमांकन के इंतजार में विकास से महरूम रहे सभी इलाकों का अगर सर्वे हो जाता है तो स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-कौन सी वन विभाग की सरकारी जमीन है और कौन सा प्राइवेट लैंड। यह प्रक्रिया पूरी होते ही पार्क से सटे अनेक इलाकों में विकास कार्य भी शुरू हो सकता है।

मीडिया से बात करते हुए जनसेवक शेट्टी ने आगे कहा कि केतकीपाड़ा और अन्य इलाकों के सर्वे कराने का वे प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़वणीस और वन विभाग के अधिकारियों आदि की एक ज्वाइंट मीटिंग अगर हो जाती है और सर्वे हो जाता है तो पता चल जाएगा का कौन-कौन सा परिसर नेशनल पार्क के अधीन है और कौन सा प्राइवेट लैंड। सीमांकन न होने के कारण केतकीपाड़ा के विकास से महरूम लोगों के अपने घर का सपना वे जरूर पूरा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि “मैं केतकीपाड़ा की जनता के साथ था, हूँ और रहूंगा” ।

फारेस्ट ऑफिसर से मुलाकात के अवसर पर जनसेवक गोपाल शेट्टी के साथ उत्तर मुम्बई भाजपा के जिलाध्यक्ष गणेश खणकर और डॉ. योगेश दुबे भी उपस्थित रहे।

अब देखना यह है कि अपने मकसद में वे कितना कामयाब हो पाते हैं और पार्क की सीमा से सटे केतकीपाड़ा व इलाकों के निवासियों को किस हद तक न्याय दिला पाते हैं।

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