मुंबई (सं.भा.) कांदिवली पश्चिम, गणेश नगर स्थित के.डी. कंपाउंड में झोपड़पट्टी पुनर्वसन योजना (एस.आर.ए.) को क्रियान्वित करने के लिए श्री सिद्धिविनायक सहकारी गृहनिर्माण संस्था (नियो.) का गठन किया गया है। इस संस्था का मुख्य प्रवर्तक विजय शंकर पाल को बनाया गया है। सोसायटी से जुड़े कुछ झोपड़ा धारकों ने विजयशंकर पाल पर अपने पद का दुरुपयोग करने और एसआरए के नाम पर बिल्डर से पैसे लेने का आरोप लगाया है। सोसायटी से जुड़े झोपड़ाधारकों ने ही विजय शंकर पाल, उनकी पत्नी, बेटे और बहू के नाम और फोटो के साथ पूरे के.डी. कंपाउंड में जगह-जगह बैनर लगाए थे। उस बैनर में विजय शंकर पाल और उनके परिवार पर लोगों ने १ करोड़ ४७ लाख रुपए बिल्डर से लेने का आरोप भी लगाया था। इन सारी बातों से विजयशंकर पाल और उनका परिवार बुरी तरह बौखला गया है। विजय शंकर पाल की बहू पुष्पा प्रमोद पाल ने कांदिवली पुलिस स्टेशन में २० फरवरी २०२१ को उनके परिवार को इस पूरे मामले में बदनाम किए जाने को लेकर एक एनसी दर्ज कराई है। उसमें अन्य लोगों के साथ ‘संगठन भारत’ अखबार के संपादक राजकिशोर तिवारी के नाम का भी उल्लेख किया है। ‘संगठन भारत’ अखबार ने अब तक श्री सिद्धिविनायक गृहनिर्माण संस्था (नियो.) या उसके मुख्य प्रवर्तक विजय शंकर पाल से जुड़ी जो भी खबर लिखी है। वह तथ्यों के आधार पर लिखी गई है। विजय शंकर पाल द्वारा बिल्डर से मिली भगत करने, पैसे लेने का पोस्टर लगाए जाने, विधायक योगेश सागर या एसआरए के अधिकारियों से झोपड़ाधारकों का मिल कर शिकायत करना आदि तरह के आरोप स्वयं वहां के झोपड़ाधारकों द्वारा लगाए गए हैं।

उसी के आधार पर ‘संगठन भारत’ अखबार में खबर छापी गई है। सच्चाई छापना हर अखबार का फर्ज होता है। कांदिवली पुलिस स्टेशन में विजय शंकर पाल की बहू पुष्पा प्रमोद पाल द्वारा एनसी दर्ज करा कर उसमें ‘संगठन भारत’ के संपादक राजकिशोर तिवारी के नाम का उल्लेख कर एक तरह से अखबार की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। यह अखबार आगे भी सच्ची खबरों को छापने से पीछे नहीं हटेगा।


