यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किलें, बढ़ेगा सफर और किराया
प्रयागराज(स.भा.): गंगा नदी पर बने फाफामऊ पुल के बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अब प्रयागराज से लखनऊ और आस-पास के कई जिलों के लिए एकमात्र विकल्प सहसों मार्ग बचा है, जिससे 32 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा। इस बदलाव से यात्रियों को समय, पैसे और सुविधा तीनों के मामले में दिक्कतें होंगी।
आम लोगों पर सीधा असर
फाफामऊ और शांतिपुरम से शहर आने-जाने वाले हजारों लोगों के लिए, जिसमें कर्मचारी, अधिवक्ता, व्यापारी और स्कूली बच्चे शामिल हैं, अगले 15 दिन बेहद मुश्किल भरे होंगे। इस रूट पर कई बड़े निजी स्कूल हैं, जहां के सैकड़ों बच्चे हर दिन यह पुल पार करके आते-जाते हैं। अब उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
खराब सड़क और जाम की समस्या
सहसों मार्ग पर पहले से ही यातायात का दबाव ज्यादा है, जिससे सड़क की हालत खराब हो गई है। जगह-जगह गड्ढे हैं, जो बारिश में और खतरनाक हो जाते हैं। रोडवेज बसों को भी लंबा रास्ता तय करना होगा, जिससे किराए में वृद्धि होना तय है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान जाम की समस्या भी बढ़ सकती है।
कोई दूसरा विकल्प नहीं
इस बार यात्रियों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है, क्योंकि न तो पांटून पुल बनाया गया है और न ही फाफामऊ पुल पर दोपहिया वाहनों को आने-जाने की अनुमति है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


