मुंबई (सं. भा.): उत्तर मुंबई में झोपड़पट्टी पुनर्वसन और आवासीय समस्याओं को लेकर आयोजित पहले “एसआरए जनता दरबार” में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल ने क्षेत्रवासियों को पक्के घर का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि उत्तर मुंबई में ऐसा कोई परिवार नहीं रहेगा जिसे पुनर्वास से वंचित होना पड़े। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जहां लगभग 150 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया।
शिंपोली स्थित अटल स्मृति उद्यान में आयोजित जनता दरबार के दौरान लोगों ने एसआरए परियोजनाओं से जुड़ी पात्रता, लंबित किराया, बायोमेट्रिक विवाद और फ्लैट आवंटन जैसी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। पीयूष गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए।
इस दौरान मंत्री ने उन डेवलपर्स पर भी सख्त रुख अपनाया जो पुनर्वासित परिवारों को समय पर किराया नहीं दे रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे बिल्डरों को ब्लैकलिस्ट करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गोयल ने कहा कि एसआरए योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” विजन के तहत नागरिकों को बेहतर आवास, पानी, बिजली, गैस और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है। साथ ही कांदिवली पूर्व स्थित कौशल विकास केंद्र के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।


