मुंबई (सं. भा.) महाराष्ट्र सरकार ने पुणे और आसपास के क्षेत्र के विकास को लेकर बड़ी योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने पेश की गई ‘पुणे ग्रोथ हब’ योजना में वर्ष 2036 तक पुणे आर्थिक क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को 200 से 220 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 58 प्रमुख परियोजनाओं पर करीब 9 से 10 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इससे 15 से 20 लाख नए रोजगार मिलने की उम्मीद है। योजना में पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और आसपास के इलाकों को एक साथ विकसित करने पर जोर दिया गया है।
योजना के तहत वाहन, बिजली से चलने वाले वाहन, इंजीनियरिंग, रक्षा, रोबोट, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, अर्धचालक, जैव तकनीक, सूचना तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा। पुणे को आधुनिक तकनीक और बड़ी कंपनियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। स्टार्टअप की संख्या 10 हजार से अधिक करने और डेढ़ से दो लाख तकनीकी कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड और साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव है। अगले दस वर्षों में रोजगार की संख्या 56 लाख से बढ़ाकर 74 से 76 लाख करने का लक्ष्य है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किलों, झीलों, साहसिक गतिविधियों, स्वास्थ्य, धार्मिक-सांस्कृतिक और वन्यजीव पर्यटन पर भी ध्यान दिया जाएगा।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 250 किलोमीटर तक मेट्रो, 11 रेल परियोजनाएं, 13 प्रमुख सड़क परियोजनाएं, 12 से 14 हजार बसें और छह बड़े परिवहन केंद्र बनाने की योजना है। वर्ष 2036 तक करीब 90 प्रतिशत पात्र झुग्गी परिवारों को (शेष पेज 2 पर)पक्के घर देने और विभिन्न आय वर्गों के लिए चार से पांच लाख सस्ते घर बनाने का लक्ष्य है। खेती, फल-सब्जियों की पैदावार, दूध कारोबार, भोजन तैयार करने वाले उद्योग, पानी की व्यवस्था, युवाओं के प्रशिक्षण और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। योजना के जरिए पुणे क्षेत्र में रोजगार, कारोबार, यातायात, घर और मूलभूत सुविधाओं को एक साथ बेहतर बनाने की दिशा तय की गई है।


