मुंबई (सं.भा.) : मुंबई में मानसून ने जुलाई की शुरुआत रिकॉर्डतोड़ बारिश के साथ की है। महज छह दिनों में शहर में पूरे जुलाई महीने के बराबर वर्षा दर्ज हो चुकी है। हालांकि, इस रिकॉर्ड बारिश के बावजूद मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाली प्रमुख झीलों के जलग्रहण क्षेत्रों में अपेक्षित वर्षा नहीं होने से जल भंडारण उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ पाया है। ऐसे में शहर पर मंडरा रहा संभावित जल संकट फिलहाल पूरी तरह टला नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई में सामान्यतः शहर में 734.1 मिमी और उपनगरों में 855.7 मिमी वर्षा होती है। लेकिन महज छह दिनों में ही शहर में 744.2 मिमी और उपनगरों में 805.6 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। वहीं, एक जून से 6 जुलाई तक शहर में कुल 1,185.3 मिमी और उपनगरों में 1,222 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
दूसरी ओर, मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली प्रमुख झीलों के जलग्रहण क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है। पिछले 24 घंटों में तानसा में 92 मिमी, भातसा में 87 मिमी, मोडक सागर में 83 मिमी तथा अपर वैतरणा में केवल 59 मिमी वर्षा दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में होने वाली बारिश से अधिक महत्वपूर्ण झीलों के कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार अच्छी वर्षा होना है, तभी जलाशयों में पर्याप्त जलसंचय हो सकेगा।
मौसम विभाग की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया कि मुंबई शहर में सामान्य से अधिक बारिश होने के बावजूद झीलों के जलग्रहण क्षेत्रों में अपेक्षित वर्षा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है। बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश होने के साथ चार से पांच दिनों का ड्राई स्पेल भी देखने को मिल सकता है।


