मुंबई (सं. भा.)। एसआरए योजना के माध्यम से गरीबों को घर देने की सरकार द्वारा बनाई गई योजना को लटकाने वाले बिल्डरों पर जल्द ही सरकार की गाज गिरने वाली है। एसआरए ने ऐसे एसआरए प्रोजेक्टों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है जो पिछले ८ से १० साल से लटकी हुई है। सरकार ने इसपर सख्त रुख अपनाते हुए गरीबों को उनके हक का घर दिलाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के निर्देश के बाद झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (एसआरए) ने मुंबई के स्लम क्षेत्र के रुके सभी प्रोजेक्ट की समीक्षा करना शुरु कर दिया है। एसआरए के अंतर्गत आने वाले प्रोजेक्ट को बिल्डरों ने ८ से १० साल की अवधि बीत जाने के बाद भी लटका कर रखा है। इससे स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रोजेक्ट लटकाने वाले बिल्डरों की अब एसआरए में क्लास शुरु हो गई है।
इसके तहत प्रोजेक्ट क्यों रुका? कब पूरा होगा इस तरह के सवाल एसआरए की तरफ से पूछे जा रहे है। इसके अलावा एसआरए में बिना कुछ लिए दिए कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती है जिस अधिकारी के पास काम की जिम्मेदारी दी जाती है उसकी एकाउंटबिलिटी तय होनी चाहिए सबसे खास बात यह कि एसआरए में आम लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती है सरकारी कार्यालय में सिक्यूरिटी का इतना तामझाम केवल भ्रष्टाचार करने के लिए किया गया है।


