दुनिया में लोकतंत्र की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष का ऐलान कर पार्टी के साथ – साथ अन्य दलों के नेताओं को भी चौंका दिया। खरमास का महीने लगने से पहले ही पार्टी के सर्वोच्च पद के लिए चेहरा तय कर दिया। जब बिहार के मंत्री नितिन नबीन के नाम का ऐलान हुआ तो प्रत्येक प्रांत के बीजेपी नेता वाकई में चौंक गए। पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात के नेता इसे अब तक का सबसे बड़ा सरप्राइज बता रहे हैं। बीजेपी ने बिहार के मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का नया कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर बड़ा सरप्राइज दिया है। नितिन नबीन के नाम के ऐलान से बीजेपी के गढ़ गुजरात में भी नेता भौचक्के रहे गए। इसकी पीछे का बड़ा कारण यह था कि राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा था कि बीजेपी अध्यक्ष का ऐलान उत्तरायण के पर्व के आसपास होगा, लेकिन बीजेपी ने यूपी में पंकज चौधरी का ऐलान होते ही नए कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया। 45 साल के नितिन नबीन की ताजापोशी के साथ जहां बीजेपी ने कीर्तिमान बनाए हैं तो वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने फिर साबित कर दिया है कि राजनीतिक विश्लेषक कितने भी अनुमान लगाएं? उनके पास अभी चकित करने के तमाम विकल्प खत्म नहीं हुए हैं। नितिन नबीन का नाम कहीं भी चर्चा में नहीं था। कायस्थ वर्ग से आने वाले नितिन नबीन का जब रविवार को ऐलान हुआ तो बीजेपी नेता उनके बारे में पता करने की कोशिश में जुट गए। बीजेपी ने संडे को सबसे बड़े पद के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज दिया। नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम के ऐलान पर बड़े-बड़े नेता शॉक्ड दिखे। कुछ ने गूगल की मदद ली तो कुछ नेताओं ने पत्रकारों से जानकारी जुटाई। गुजरात बीजेपी के संगठन से जुड़े एक नेता ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री के काम करने की शैली से परिचित है लेकिन नितिन नबीन का नाम हमारे लिए बेहद सरप्राइजिंग था। एक अन्य नेता ने दावा कि नितिन नबीन के ऐलान में भीखू भाई दलसानिया की भूमिका हो सकती है, क्योंकि वह लंबे वक्त से बिहार में संगठन मंत्री हैं। ऐसे में हो सकता है पीएम मोदी और अमित शाह ने उनसे जरूरी इनपुट लिया हो। भीखू भाई दलसानिया पूर्व में 15 सालों तक गुजरात बीजेपी संगठन महामंत्री रह चुके हैं। बीजेपी ने 2021 में गुजरात में जब नो रिपीट थ्योरी लागू की थी तो उसे काफी बड़ा फैसला माना गया था। बीजेपी ने सीएम और डिप्टी सीएम के साथ सभी मंत्रियों को घर भेज दिया था। पार्टी ने तब भूपेंद्र पटेल को सीएम बनाया था। भूपेंद्र पटेल का नाम तब सुर्खियों में नहीं था। मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा के मुख्यमंत्रियों के चयन में भी बीजेपी चौंका चुकी है, लेकिन नितिन नबीन के नाम का ऐलान बीजेपी नेतृत्व का बड़ा सरप्राइज रहा। बीजेपी के नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन है, हालांकि नबीन का मतलब नवीन ही है, चूंकि बिहार में बोलचाल में ‘ब’ शब्द का प्रचलन अधिक है। इसलिए यह नवीन से नबीन हो गया है। राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की शैली से बखूबी परिचित नेता अक्सर मीडिया की सुर्खियों में जाने से बचते हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि आमतौर पर सुर्खियों में रहने वाले नामों पर यह जोड़ी दांव नहीं लगाती है। पूर्व में ऐसा कई मौकों पर हो चुका है। खुद पीएम मोदी कई मौकों पर पार्टी नेताओं को छपास रोग (मीडिया प्रेम) से बचने की सलाह दे चुके हैं। गुजरात के राजनीतिक हल्कों में चर्चा है कि नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का है।


