मुंबई (सं. भा.): लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों के लिए एक नई ठगी सामने आई है, जहां नकली एजेंट “गर्म और ताजा भोजन” के नाम पर बासी खाना थमाकर पैसे वसूल रहे हैं। खासतौर पर मुंबई से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों में इस तरह का संगठित गिरोह सक्रिय होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, ये लोग खुद को अधिकृत दिखाने के लिए आईआरसीटीसी जैसी दिखने वाली नीली पट्टी और पहचान पत्र का इस्तेमाल करते हैं, जिससे यात्रियों को आसानी से भरोसा हो जाता है। भीड़भाड़ वाले सीजन—जैसे शादी-विवाह, त्योहार और गर्मी की छुट्टियों—में ये गिरोह ज्यादा सक्रिय हो जाता है और स्पेशल ट्रेनों को निशाना बनाता है, जहां पैंट्री कार की सुविधा अक्सर नहीं होती।

हाल ही में एक यात्री ने बताया कि यात्रा के दौरान कुछ संदिग्ध लोग ट्रेन में चढ़े और “गर्म-गर्म खाना” उपलब्ध कराने का दावा करते हुए ऑर्डर लेने लगे। कई यात्रियों ने भरोसा कर भुगतान कर दिया। लेकिन जैसे ही ट्रेन अगले स्टेशन पर रुकी, जल्दबाजी में पैकेट थमाकर पैसे लेने के बाद वे लोग उतर गए।
जब यात्रियों ने पैकेट खोला तो उसमें रखा खाना बासी और खराब निकला, जिससे उन्हें मजबूरन उसे फेंकना पड़ा। इस घटना के बाद यात्रियों में नाराजगी और चिंता दोनों देखने को मिली।
रेल यात्रियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और सुविधा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ऐसे फर्जी एजेंटों पर सख्त कार्रवाई की जाए और यात्रियों को जागरूक किया जाए।
फिलहाल इस तरह के मामलों ने रेल यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही बड़ा नुकसान कर सकती है।


