मुंबई (सं. भा.) । कोविड का फायदा उठाते हुए मुंबई में 500 हाउसिंग सोसायटियों के प्रशासकों ने सोसायटी के सदस्यों द्वारा चुनी गई प्रबंधन समिति की आम बैठक किए बगैर बिल्डरों को आपसी पुनर्विकास के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। भाजपा नेता, पूर्व मंत्री विधायक और आशीष शेलार ने इस मामले में सहकारिता आयुक्त को पत्र लिखकर एसआईटी के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपए की गड़बड़ी को तत्काल स्थगित करने की मांग करते हुए एसआईटी से जांच कराने की मांग की है।
इस पत्र में शेलार ने कहा कि कोरोना महामारी में गृह निर्माण सोसायटियों के चुनाव नहीं हुए, इसका फायदा उठाकर मुंबई के विभिन्न रजिस्ट्रारों के निर्देशानुसार मुंबई की 500 से अधिक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को प्रशासकों ने अपने कब्जे में ले लिया है। जिन सोसाइटियों की कमेटियों की अवधि दो साल में खत्म हो गई, उनमें कोविड के चलते समय पर चुनाव नहीं हो पाए। ऐसे में अधिकांश सोसाइटियों पर प्रशासक नियुक्त किए गए।
चौंकाने वाले बात यह सामने आई कि इसमें से कई प्रशासकों ने बिल्डरों की मिलीभगत से सोसायटी प्रबंधन समिति की अनुपस्थिति और नियमों का उल्लंघन कर परस्पर सोसाइटी के पुनर्विकास का निर्णय ले रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि करीब 2,000 करोड़ रुपए की पुनर्विकास परियोजनाओं पर फैसला हो चुका है। इसे लेकर रहवासियों में भारी आक्रोश है और वे खुद को ठगे जाने की आशंका जता रहे हैं।


