नया साल हमेशा ही एक नई शुरुआत लेकर आता है। नई उमंग और ऊर्जा से भरा यह दिन हम सबके लिए खास होता है। इसी उमंग और ऊर्जा के सहारे हम अपने आपको साल भर की संभावनाओं के साथ चार्ज कर लेते है। नई योजना और उनके क्रियान्वयन की शुरुआत भी इसी दिन से हो जाती है। हालांकि इस साल यह अवसर हम सभी को पहली तारीख को न मिलकर दूसरी तारीख को प्राप्त हुआ। साल के पहले दिन की शुरुआत इस बार रविवार की छुट्टी से हुई। तो इसने भी हमारे भीतर एक नया जोश भरा है। इस दिन को लोगों ने अपनों से मिलने –जुलने अथवा किसी धर्मस्थान या फिर कहीं घूमने में व्यतीत किया। ताकि अगले ही दिन नई ऊर्जा से भरकर अपने नए साल की शुरुआत की जाए, जो कि अब हो चुका है। यहां पिछले वर्षों को याद कर हमें अपना समय नष्ट नहीं करना है, बल्कि अगले वर्ष की ओर आगे बढ़ने की सीख लेना है। हमने पिछले वर्ष जो गलतियां कीं या जो कमियां रह गईं, उन गलतियों को सुधारते हुए अपनी कमियों को दूर करना है। पिछले साल हम कितने सफल हुए और कितने असफल, इस बात की चिंता हमें नहीं करनी है। बल्कि असफलताओं से सीख लेकर हमें आगे बढ़ जाना है। हमें सफलताओं को अंगीकार करना है और उसके लिए हमने अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। जिंदगी ने हमें जो पाठ पढ़ाया है, बीते साल की सफलताओं को अंगीकार करते हुए और उन बातों को नजरअंदाज करते हुए जिनकी वजह से हम कहीं चूक गए, नए साल में हमें आगे कदम बढ़ाना है। नव वर्ष के स्वागत के साथ हम सबको यही उम्मीद करनी चाहिए कि नया साल हम सभी के लिए सुख और समृद्धि की भेंट लेकर आया है। हमें इस नए साल में निराश नहीं होना है और न ही किसी बात की चिंता करनी है। नए साल के साथ ही हमारे रोजमर्रा के जीवन और कामकाज में कुछ बदलाव भी आए हैं। सरकारी और बैंकिंग क्षेत्र के कुछ नियम भी बदले हैं। इनका हमारे रोजमर्रा के कामकाज के साथ जेब पर भी व्यापक असर पड़ेगा। यहां कई बातें आप के हित में हैं। जैसे डीजल ऑटो का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया है। हालांकि इसे अभी तक दिल्ली एनसीआर के क्षेत्र वाले डीजल ऑटो वाहनों पर लागू किया गया है, ताकि यहां की आबोहवा दुरुस्त हो सके। जनवरी से पूरे एनसीआर में सिर्फ सीएनजी या इलेक्ट्रिक ऑटो का रजिस्ट्रेशन होगा। एनसीआर के कुछ शहरों में डीजल ऑटो रजिस्ट्रेशन पहले से बंद है, लेकिन अब पूरे एनसीआर में इसे बंद किया जा रहा है। आदेश के तहत- एनसीआर में नए साल की शुरुआत से सिर्फ अप्रूव्ड फ्यूल का इस्तेमाल हो पाएगा। अगर इंडस्ट्री अन-अप्रूव्ड फ्यूल का इस्तेमाल करती हैं, तो उसे सील भी किया जा सकता है। एनसीआर के थर्मल पावर प्लांट लो-सल्फर वाले कोयले का इस्तेमाल कर सकते हैं। वायु प्रदूषण को कुछ हद तक कम करने और हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए यह कदम उठाए गए हैं। पर्यावरण को बेहतर करने के लिए प्लास्टिक की पतली थैलियों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। जिससे पर्यावरण में सुधार लाया जा सके। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार नए साल की शुरुआत से 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा। अभी तक 75 माइक्रोन से पतले प्लास्टिक कैरी बैग पर यह प्रतिबंध लागू है। नोटिफिकेशन के मुताबिक मोटाई बढ़ने से प्लास्टिक बैग का रीयूज यानी दोबारा इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। अब बैंक लॉकर से ग्राहक का कीमती सामान गायब होने पर इसकी जिम्मेदारी बैंक की मानी जाएगी। बैंक लॉकर से संबंधित नियम भी जनवरी से बदल दिए गए। अब अगर आपने बैंक लॉकर में कोई कीमती चीज रखी है और उसे किसी तरह का नुकसान होता है, तो यह बैंक की जवाबदेही होगी। हालांकि, भूकंप, बाढ़, बिजली गिरने जैसी कुदरती आपदाओं से लॉकर वाले सामान को नुकसान होता है, तो बैंक इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। ग्राहक की गलती या लापरवाही की स्थिति में भी बैंक की जवाबदेही नहीं होगी। इस बारे में बाकायदा ग्राहक और बैंक के बीच एग्रीमेंट किया जाएगा। अगर बैंक लॉकर के नियमों में कोई बदलाव करते हैं, तो उन्हें उसकी जानकारी ग्राहकों को देनी पड़ेगी। एनपीएस के आंशिक निकासी के नियम जनवरी से बदल गए हैं। आंशिक निकासी के लिए संबंधित नोडल अधिकारी की रजामंदी जरूरी होगी। यह नियम केंद्र, राज्य और स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों पर लागू होगा। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने कोरोना के दौरान नियमों में ढील देकर स्व-घोषणा के जरिए एनपीएस से निकासी की सुविधा दी थी। अब ऐसे अनुरोधों को नोडल ऑफिस भेजना होगा। आपकी जेब पर मार करने वाली बात यह है कि जनवरी से ही रेफ्रिजरेटर और सीलिंग फैन इत्यादि कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे हो गए। दरअसल जनवरी से ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी के मानदंडों में बदलाव हो रहा है। इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीजों पर पड़ेगा। नियम लागू होने के बाद रेफ्रिजरेटर दो से पांच प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे। सीलिंग फैन पहली बार देश में अनिवार्य स्टार लेबलिंग नियमों के दायरे में आएंगे। इससे इनकी कीमतों में भी इजाफा होगा। कुछ बैंकों के क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स से जुड़े नियम भी जनवरी से बदल दिए गए हैं। नए साल की शुरुआत से बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स में बदलाव करने जा रहा है।



