फतेहपुर, (सं. भा.): बेमौसम आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जिले के किसानों पर दोहरी मार डाल दी है। महज 24 घंटे के भीतर दो बार बदले मौसम ने तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया और उनकी चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब छह घंटे तक चली तेज बारिश से गेहूं की 20 से 25 प्रतिशत तक फसल बर्बाद हो गई। इसके बाद रविवार शाम फिर मौसम बिगड़ा और कई इलाकों में तेज हवा, बारिश के साथ ओले गिरने से नुकसान और बढ़ गया।
जिले में करीब 1.83 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल तैयार खड़ी है, जबकि लगभग 10 प्रतिशत फसल पहले ही कटकर खेतों में पड़ी थी। बारिश के कारण कटी हुई फसल भी भीग गई, जिससे उसकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि नमी के कारण दाना काला पड़ सकता है, जिससे बाजार में उचित कीमत नहीं मिल पाएगी।
तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे कटाई में दिक्कत आ रही है। मशीनों से कटाई मुश्किल हो गई है, वहीं मजदूरों की कमी ने समस्या को और बढ़ा दिया है। हसवा, अमौली, बिंदकी और आसपास के क्षेत्रों में कटाई का काम लगभग ठप हो गया है।
ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से स्थिति और गंभीर हो गई है। कई किसानों की कटी फसल पानी में डूब गई है, जिससे उसे बचाना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
मौसम के इस कहर का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के पोल गिरने से आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को कीटों से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करें और नुकसान की जानकारी कृषि विभाग को दें, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
कुल मिलाकर, बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों को झटका दिया है और अब वे साफ मौसम की आस लगाए बैठे हैं, ताकि किसी तरह बची हुई फसल को सुरक्षित किया जा सके।
बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल बर्बाद, कटाई-मड़ाई पर लगा ब्रेक
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