फडणवीस ने दिए सुझाव, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
मुंबई(स भा): नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में देश की पहली डबल डेकर कोस्टल रोड बनने की संभावना बढ़ गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुझाव दिया है कि सिडको द्वारा निर्माणाधीन खारघर के जलवायु विहार से बेलापुर इलाके में नेरुल जल परिवहन जेटी तक की कोस्टल रोड को डबल डेकर किया जा सकता है।
इस महत्वपूर्ण सुझाव का उद्देश्य नवी मुंबई एयरपोर्ट और जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) इलाकों से आने वाले वाहनों के कारण होने वाले संभावित ट्रैफिक जाम को कम करना है। यदि यह सड़क डबल डेकर हो जाती है, तो उरण फाटा क्षेत्र से सायन-पनवेल हाईवे पर जाने वाले वाहन चालकों को भी भारी ट्रैफिक से निजात मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
गुरुवार को वन मंत्री गणेश नाईक की पहल पर मुख्यमंत्री के साथ नवी मुंबई महानगरपालिका और सिडको से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सुलझाने के लिए एक बैठक हुई। इसी बैठक में नवी मुंबई के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और समाधान सुझाते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने सिडको को बेलापुर सेक्टर 15 इलाके में खारघर-नेरुल कोस्टल रोड को डबल डेकर बनाने का सुझाव दिया।

हालांकि, इस परियोजना से पर्यावरणीय चिंताएं भी जुड़ी हैं। तटीय सड़क के लिए 8.22 हेक्टेयर क्षेत्र में 1182 परिपक्व मैंग्रोव पेड़ प्रभावित होंगे। यह क्षेत्र 72 प्रजातियों के पक्षियों का घर है, जिनमें से 48 प्रवासी और 24 स्थानीय हैं। डीपीएस, एनआरआई और टीएस चाणक्य क्षेत्रों में फ्लेमिंगो की संख्या बढ़ रही है, जो इस क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
पूर्व विधायक संदीप नाइक ने पहले पर्यावरण को होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए इस सड़क का विरोध किया था। अब जब मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्वयं इस सड़क को डबल डेकर बनाने का सुझाव दिया है, तो उनकी क्या भूमिका होगी, यह देखना दिलचस्प होगा। वर्तमान में अटल सेतु, एयरपोर्ट, जेएनपीटी 3 और शिपयार्ड में आने-जाने वाला सारा ट्रैफिक बेलापुर इलाके से होकर गुजरता है, जिससे यहां भविष्य में भारी ट्रैफिक जाम होने की आशंका है। डबल डेकर सड़क इस समस्या का समाधान प्रदान कर सकती है।


